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अनुसूचित जातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों की कल्याणकारी योजनाओं पर अब तक का सर्वाधिक व्यय

PIB Delhi

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ₹11,810.82 करोड़ का अपना अब तक का सर्वोच्च व्यय दर्ज किया है।

यह वृद्धि, वित्तीय वर्ष 2024-25 के ₹10,409.00 करोड़ के व्यय की तुलना में तक़रीबन 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाती है। यहजनकल्याणकारी योजनाओं हेतु आवंटित बजट के समयबद्ध औरप्रभावी उपयोग पर विभाग के निरंतर बढ़ते ध्यान का परिचायक है।

विभाग ने वर्ष 2025-26 में न केवल रिकॉर्ड कुल खर्च किया, बल्कि अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण हेतु भी अब तक का ऐतिहासिक व्यय दर्ज किया है।

इसके अतिरिक्त, नशामुक्ति, स्वच्छता कर्मियों के उत्थान, वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, ट्रांसजेंडर समुदाय के सशक्तिकरण और भिक्षावृत्ति में संलिप्त लोगों के पुनर्वास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी अभूतपूर्व वित्तीय प्रगति देखी गई है।

वर्ष 2025-26 का यह रिकॉर्ड खर्च इस बात का प्रमाण है कि सरकार देश के कोने-कोने में मौजूद वंचित वर्गों और कमजोर समुदायों को सामाजिक न्याय दिलाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।


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By udaen

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