अखिल भारतीय AVGC-XR इकोसिस्टम का नेतृत्व IICT करेग,; हब-एंड-स्पोक मॉडल राष्ट्रव्यापी सहयोग को सुगम बनाएगा।
PIB Delhi
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र के विकास के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार करने और नीतिगत उपायों का मार्गदर्शन करने के लिए अप्रैल 2022 में एवीजीसी संवर्धन कार्य बल का गठन किया था। कार्य बल ने अपनी रिपोर्ट में एवीजीसी-एक्सआर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में राज्यों का समर्थन करने के लिए एक मॉडल राज्य नीति ढांचा भी तैयार किया था।
भारत को एवीजीसी-एक्सआर का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एवीजीसी-एक्सआर के लिए एक राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस केंद्र का नाम मुंबई में भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) रखा गया है।
आईआईसीटी को राज्यों के साथ सहयोग को बढ़ावा देने और क्षमता निर्माण प्रयासों का समर्थन करने के लिए एक राष्ट्रीय केंद्र के रूप में कार्य करने की परिकल्पना की गई है। यह संस्थान उन संस्थानों के साथ जुड़ाव को बढ़ावा देता है जो एवीजीसी क्षेत्र में क्षेत्रीय क्षमताओं और उत्कृष्टता केंद्रों के विकास में योगदान दे सकते हैं। देश भर में उद्योग, शिक्षा जगत और अन्य हितधारकों के साथ सहयोग को सुगम बनाने के लिए संस्थान को हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है।
आई.आई.सी.टी. वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों, उद्योग भागीदारों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग करता है। ये सहयोग पाठ्यक्रम विकास, विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विकास, अनुसंधान एवं विकास, इंटर्नशिप, छात्रवृत्ति और स्टार्टअप इनक्यूबेशन के लिए हैं, जिससे उद्योग-अकादमिक साझेदारी मजबूत होती है और एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र में प्रतिभा विकास को बढ़ावा मिलता है।
यह संस्थान देश भर के विभिन्न राज्यों से छात्रों और प्रशिक्षुओं को आकर्षित कर रहा है और एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र में अखिल भारतीय प्रतिभा पूल को बढ़ावा दे रहा है।
मंत्रालय एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र को बढ़ावा देने सहित विभिन्न मुद्दों पर राज्यों के साथ नियमित रूप से कार्यशालाएं, सम्मेलन और वेबिनार आयोजित करता है।
यह जानकारी सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने आज राज्यसभा में श्री सना सतीश बाबू द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में प्रस्तुत की।
