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भारतीय फिल्मकारों की सक्रिय भागीदारी भारतीय सिनेमा में बढ़ती वैश्विक रुचि को दिखाती है

क्रिएट इन इंडिया के विजेताओं और राज्यों ने ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर अपनी रचनात्मक शक्ति का प्रदर्शन किया

भारत ने ईएफएम इनोवेशन हब 2026 में अत्याधुनिक क्रिएटिव-टेक इनोवेशन और एवीजीसी-एक्सआर क्षमताओं को प्रदर्शित किया

PIB Delhi

बर्लिन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के साथ आयोजित यूरोपीय फिल्म बाजार (ईएफएम2026 में अपनी मजबूत और बहुआयामी उपस्थिति के साथ  भारत ने औपचारिक रूप से बाजार में अपने आधिकारिक मंच भारत मंडप का उद्घाटन किया, जो सिनेमा, संस्कृति और रचनात्मक प्रौद्योगिकियों में देश की बढ़ती वैश्विक भूमिका को रेखांकित करता है। मंडप का उद्घाटन जर्मनी में भारत के राजदूत श्री अजीत विनायक गुप्ते ने जाने-माने इंटरनेशनल मार्केट लीडर्स, सांस्कृतिक प्रतिनिधियों और भारतीय फिल्म एवं नवाचार प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति में किया।

उद्घाटन समारोह में रचनात्मक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भारत-जर्मनी के बीच बढ़ती सहभागिता को प्रदर्शित किया गया। विशिष्ट प्रतिभागियों में बर्लिनले प्रो की निदेशक और यूरोपीय फिल्म बाजार की हेड सुश्री तांजा मीस्नर, जो दुनिया के सबसे प्रभावशाली फिल्म बाजारों में से एक का नेतृत्व करती हैं; ईएफएम के सेल्स और डिज़ाइन हेड श्री पीटर डोम्श, जो अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी और रणनीतिक उद्योग जुड़ाव को आकार देने में अहम भूमिका निभाते हैं; और टैगोर सेंटर की निदेशक सुश्री तृषा सखलेचा, जिनका काम भारत और जर्मनी के बीच कलात्मक व सांस्कृतिक संवाद को मजबूत करने में अहम रहा है, शामिल थीं। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों, बर्लिन में भारतीय दूतावास के सदस्यों और देश के विकसित होते क्रिएटिव इकोसिस्टम का प्रतिनिधित्व करने वाले विविध भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भी भाग लिया।

भारतीय फिल्मकारों ने वैश्विक साझेदारी का विस्तार किया

इस वर्ष यूरोपीय फिल्म बाजार में भारत की उपस्थिति कहानी कहने की उत्कृष्टता और नवाचार आधारित भागीदारी के मज़बूत मेल के साथ खास है। एक प्रमुख आकर्षण नौ भारतीय फिल्मकारों की भागीदारी है, जो अंतर्राष्ट्रीय निर्माताओं, बिक्री एजेंटों, वितरकों और फेस्टिवल प्रोग्रामर्स के साथ सक्रिय रूप से जुड़ रहे हैं। उनकी उपस्थिति ग्लोबल को-प्रोडक्शन नेटवर्क्स में भारत के बढ़ते एकीकरण और विविध भाषाओं व शैलियों में भारतीय कहानियों के लिए बढ़ती अतंर्राष्ट्रीय रुचि को दिखाती है। सुव्यवस्थित बाजार बैठकों और प्रोजेक्ट डिस्कशन के माध्यम से, ये फिल्मकार ऐसी साझेदारियां तलाश रहे हैं जो पारंपरिक फिल्म व्यापार से आगे बढ़कर, सीमा पार सहयोग और दीर्घकालिक क्रिएटिव अलायंस का रूप ले सके।

भारत के तेज़ी से बढ़ते मीडिया-टेक और क्रिएटिव-टेक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले चार उभरते स्टार्ट-अप्स के प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ये कंपनियां ऐसे समाधान प्रस्तुत करती हैं जो स्टोरीटेलिंग, टेक्नोलॉजी और डिजिटल प्रोडक्शन को जोड़ती हैं, और यह दर्शाती हैं कि कैसे भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी नवाचार के साथ तेज़ी से आकार ले रही है। ईएफएम में उनकी उपस्थिति भारत के सिर्फ एक प्रमुख कंटेंट तैयार करने वाले देश से ग्लोबल एंटरटेनमेंट इकोसिस्टम में तकनीकी प्रगति के हब के तौर पर पहचाने जाने के बदलाव का संकेत है।

भारत का प्रतिनिधित्व करते युवा नवोन्मेषक

इस प्रतिनिधिमंडल में क्रिएट इन इंडिया चैलेंज (सीआईसी) के दो विजेता भी शामिल हैं, जो महत्वपूर्ण आइडिया और युवा क्रिएटिव एंटरप्रेन्योर्स पर बात करेंगे, जिनके काम में नवाचार आधारित स्टोरीटेलिंग की भावना दिखती है।

उनकी भागीदारी इस बात को दिखाती है कि देश नए टैलेंट को आगे बढ़ाने और उभरती आवाज़ों को वैश्विक पहचान दिलाने पर ज़ोर दे रहा है। महाराष्ट्र का एक सांस्कृतिक प्रतिनिधिमंडल भी उपस्थित है, जो बेहतर नीति , फंडिंग ऑप्शन और फिल्म प्रोडक्शन के लिए विभिन्न संसाधनों  के माध्यम से फिल्मकारों को सपोर्ट करने की राज्य की प्रतिबद्धता को दिखाता है, साथ ही वैश्विक फिल्म मैप पर एक प्रमुख भागीदार के रूप में महाराष्ट्र की स्थिति को मजबूत करता है। दिल्ली का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव को बढ़ावा देने, विशेष फिल्मांकन प्रोत्साहनों और मंजूरी प्रक्रियाओं का उल्लेख करने तथा ग्लोबल ऑडियंस के लिए शहर की शानदार शूटिंग लोकेशन को प्रदर्शित करने के लिए यहां है।

मंडप में बातचीत के दौरान, एएफडीसी प्रबंधन ने भारत के आगामी प्रमुख महोत्सवों के बारे में भी बात की, जिसमें जून 2026 में होने वाला मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 और हर साल 20 से 28 नवंबर तक होने वाला भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) शामिल हैं। इन महोत्सव को सिनेमा से जुड़ी गतिविधियों, सह-निर्माण और बाजार जुड़ाव के लिए प्रमुख वैश्विक मंच के रूप में महत्व दिया गया, जिससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अधिक भागीदारी और सहयोग को बढ़ावा मिला।

राजदूत श्री अजीत विनायक गुप्ते ने अपने संबोधन में सिनेमा और रचनात्मकता को अंतर्राष्ट्रीय जुड़ाव के शक्तिशाली साधनों के रूप में महत्व दिया। उन्होंने कहा कि ईएफएम में भारत की उपस्थिति न सिर्फ़ उसकी पुरानी कहानी कहने (स्टोरीटेलिंग) की परंपरा को दिखाती है, बल्कि ग्लोबल क्रिएटिव इंडस्ट्रीज़ में उसकी बढ़ती भूमिका को भी दिखाती है। उन्होंने फ़िल्म, संस्कृति और नवाचार में भारत और जर्मनी के बीच बढ़ते तालमेल के बारे में बताया, और ईएफएम जैसे मंच की अहमियत पर ज़ोर दिया ताकि स्थायी क्रिएटिव और इकोनॉमिक पार्टनरशिप बनाई जा सके।

भारत मंडप रचनात्मक हितधारकों को एकजुट करता है

एनएफडीसी द्वारा आयोजित भारत मंडपअंतर्राष्ट्रीय उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मीटिंग पॉइंट का काम करता है। पूरे बाजार में, मंडप व्यावसायिक बैठकों, सह-निर्माण संबंधी चर्चाओं, नेटवर्किंग इंटरैक्शन और उद्योग संवादों की मेजबानी कर रहा है, साथ ही भारत को एक आकर्षक फिल्मांकन गंतव्य-देश और सहयोगी कंटेंट भागीदार के रूप में भी बढ़ावा दे रहा है। यह एक केंद्र-बिंदु की तरह काम करता है जहां फिल्मकार, निर्माता, टेक्नोलॉजी इनोवेटर, सांस्कृतिक प्रतिनिधि और वैश्विक हितधारक पार्टनरशिप के लिए एकत्रित होते हैं।

इस वर्ष भारत की भागीदारी का एक अहम पहलू ईएफएम इनोवेशन हब में इसकी उपस्थिति है, जहां चार भारतीय टेक स्टार्ट-अप अत्याधुनिक टूल्स और प्लेटफॉर्म प्रस्तुत कर रहे हैं जो इमर्सिव स्टोरीटेलिंग, डिजिटल प्रोडक्शन और मीडिया इकोसिस्टम में उभरती ज़रूरतों को पूरा करते हैं। उनकी भागीदारी एवीजीसी-एक्सआर और रचनात्मक नवाचार क्षेत्र में भारत की बढ़ती उपस्थिति को दर्शाती है और यह दिखाती है कि कैसे टेक्नोलॉजिकल एंटरप्रेन्योरशिप स्टोरीटेलिंग के भविष्य का ज़रूरी हिस्सा बन रही है। यह स्टार्ट-अप को सहायता देने और रचनात्मक उद्योगों में नवाचार को बढ़ावा देने पर व्यापक राष्ट्रीय फोकस को दर्शाता है।

ईएफएम 2026 में भारत की सुविचारित और दूरंदेशी भागीदारी, देश को न सिर्फ़ कंटेंट सृजित करने में बल्कि क्रिएटिव एंटरप्रेन्योरशिप, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और नवाचार आधारित प्रगति में भी वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने के स्पष्ट रणनीतिक विज़न को दर्शाती है। फ़िल्मकारों, स्टार्ट-अप्स, कल्चरल इंस्टीट्यूशन्स और इंटरनेशनल इंडस्ट्री लीडर्स को एक साथ लाकर, भारत मंडप वैश्विक फ़िल्म और मीडिया परिदृश्य के साथ भारत के बढ़ते जुड़ाव का एक प्रतीक है। ईएफएम में भारत मंडप गतिविधि, संवाद और सहयोग का एक जीवंत केंद्र बना हुआ है, जो अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समुदाय के साथ भारत के संबंधों को मज़बूत कर रहा है और वैश्विक स्तर पर मनोरंजन के भविष्य को आकार देने में अपनी भूमिका को और मज़बूत कर रहा है।


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By udaen

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