– पद्म भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने हिमालयी पारिस्थितिकी, सतत विकास और सामुदायिक संरक्षण पर प्रतिभागियों को दिया मार्गदर्शन
– कार्यशाला का दूसरा भाग वन्यजीव संरक्षण पर रहा केंद्रित, सभी को प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए किया गया प्रेरित
प्रविष्टि तिथि: 26 NOV 2025 9:57PM by PIB Dehradun
26 नवंबर 2025 को भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा विभाग द्वारा ऑडिट दिवस के अवसर पर दो विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। प्रथम सत्र में पर्यावरण संरक्षण विषय पर आयोजित कार्यशाला में हेस्को के संस्थापक पद्म भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी द्वारा प्रतिभागियों को हिमालयी पारिस्थितिकी, सतत विकास और सामुदायिक संरक्षण की आवश्यकता पर प्रेरक मार्गदर्शन दिया गया।

इस सत्र में सरल जीवनशैली, संवहनीय उपयोग और हरित पहल की बात प्रमुखता से सामने आई। दोपहर में दूसरी कार्यशाला वन्यजीव संरक्षण पर केंद्रित रही, जिसमें भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून से डीन डॉ. रुचि बड़ोला तथा वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सैयद एनुल हुसैन ने मुख्य वक्ता के रूप में प्रतिभाग किया। उन्होंने वन्यजीवों के संरक्षण, जैव विविधता तथा क्षेत्रीय सुरक्षा के विषय पर अपने शोध एवं फील्ड अनुभव साझा किए और प्रतिभागियों को प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
इन आयोजनों ने प्रतिभागियों को न सिर्फ पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की नीतियों से अवगत कराया, बल्कि अपने कार्यस्थल तथा समुदाय में जिम्मेदार व सतत पर्यावरणीय प्रयासों की दिशा में कदम उठाने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर महालेखाकार मोहम्मद परवेज़ आलम ने सतत विकास के मार्ग पर पर्यावरण संरक्षण की महत्ता को प्रतिपादित किया। कार्यशालाओं में उपमहालेखाकार श्री अनुज शर्मा ने बीज वक्तव्य प्रस्तुत किए। गौरतलब है की 30 नवम्बर तक ऑडिट दिवस के अंतर्गत इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है जिसका उद्देश्य ऑडिट के प्रति जागरूकता फैलाना है।
