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21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 74 विश्वविद्यालय के छात्रों ने इसे सफलतापूर्वक पूरा किया।

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, भारत की सदस्य, श्रीमती विजया भारती सयानी ने अपने समापन भाषण में युवाओं से सतर्क रहने, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और अधिक समावेशी एवं समतावादी समाज के निर्माण में योगदान का आग्रह किया।

प्रविष्टि तिथि: 04 OCT 2025 12:49PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी), भारत ने 2025-2026 के अपने तीसरे ऑनलाइन लघु अवधि इंटर्नशिप कार्यक्रम (ओएसटीआई) का सफलतापूर्वक समापन किया, जिसमें 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 74 विश्वविद्यालय के छात्रों ने भाग लिया। इस ओएसटीआई का उद्घाटन महासचिव श्री भरत लाल ने 22 अगस्त, 2025 को किया था।

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की सदस्य श्रीमती विजया भारती सयानी ने मुख्य अतिथि के तौर पर समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रशिक्षुओं को दो सप्ताह इस इंटर्नशिप कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए बधाई दी और उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने न्याय और समानता के संरक्षक के रूप में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की भूमिका पर ज़ोर देते हुए, महिला अधिकार, बाल संरक्षण, मानसिक स्वास्थ्य, हिरासती न्याय और हाशिए पर रह रहे समुदायों के सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में आयोग के कार्यों का उल्लेख किया।

मनोविज्ञान, फोरेंसिक विज्ञान, व्यवसाय और मानवाधिकार जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञों के प्रभावशाली सत्रों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए श्रीमती विजया भारती सयानी ने प्रदान की गई शिक्षा की सराहना की। उन्होंने प्रेरक उदाहरणों का हवाला देते हुए प्रशिक्षुओं से मानवीय गरिमा के सक्रिय रक्षक बनने, अपने ज्ञान का उपयोग सामाजिक भलाई के लिए करने और व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक, दोनों क्षेत्रों में संवैधानिक सिद्धांतों को बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं से सतर्क रहने, अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाने और एक अधिक समावेशी एवं समतामूलक समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की संयुक्त सचिव श्रीमती सैदिंगपुई छकछुआक ने इंटर्नशिप रिपोर्ट प्रस्तुत की। मानव अधिकार आयोग के सदस्यों, वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों द्वारा मानव अधिकारों के विभिन्न पहलुओं पर आयोजित सत्रों के अलावा, प्रशिक्षुओं को दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल, पुलिस स्टेशन और आशा किरण आश्रय गृह का आभासी भ्रमण भी कराया गया। उन्हें विभिन्न सरकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली, मानव अधिकारों की रक्षा के तंत्र, जमीनी हकीकत और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदमों की जानकारी दी गई। इस दौरान पुस्तक समीक्षा, समूह शोध परियोजना प्रस्तुति और भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं की भी घोषणा की गई।

इस अवसर पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के संयुक्त सचिव श्री समीर कुमार और निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल वीरेंद्र सिंह उपस्थित थे।

ओएसटीआई विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों के छात्रों को मानव अधिकारों के प्रमुख मुद्दों को समझने और उनका समाधान करने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करता है। व्यावहारिक शिक्षण और संवादात्मक चर्चाओं के माध्यम से, प्रतिभागी अंतर्राष्ट्रीय कानून, भारत में मानव अधिकारों की चिंताओं और व्यावहारिक तरीकों का अध्ययन करते हैं।


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By udaen

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