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दिव्य कला मेला

भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अधीन दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) द्वारा, इसकी शीर्ष संस्था नेशनल दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (एनडीएफडीसी) के माध्यम से, देशभर के दिव्यांग उद्यमियों/कारीगरों के उत्पादों एवं शिल्पकला को प्रदर्शित करने हेतु एक अनूठा आयोजन दिव्य कला मेला का आयोजन गाँधी मैदानपटना में 23 अगस्त 2025 से 31 अगस्त 2025 तक किया जा रहा है।

यह मेला आगंतुकों के लिए एक अद्भुत अनुभव होगा, जहाँ जम्मूकश्मीरपूर्वोत्तर राज्यों सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों के हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई कार्य, पैकबंद खाद्य सामग्री आदि को एक ही स्थान पर देखा व खरीदा जा सकेगा। यह पहल दिव्यांगजन के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। “दिव्य कला मेला” दिव्यांग कारीगरों एवं उद्यमियों को अपने उत्पादों और कौशल के प्रदर्शन एवं विपणन के लिए एक व्यापक मंच प्रदान करता है।

पटना (बिहार) में आयोजित यह मेला, वर्ष 2022 से आरंभ हुई श्रृंखला का 26वाँ संस्करण है। इससे पूर्व यह मेला दिल्ली (दिसंबर 2022)मुंबईभोपालगुवाहाटीइंदौरजयपुरवाराणसीहैदराबाद (सिकंदराबाद), बेंगलुरुचेन्नईपटना (दिसंबर 2023), सूरतनागपुरअगरतलाअहमदाबादभुवनेश्वररायपुररांचीविशाखापत्तनमपुणेजबलपुरदिल्ली (दिसंबर 2024), वडोदराजम्मू तथा उदयपुर जैसे शहरों में सफलतापूर्वक आयोजित हो चुका है।

प्रतिभागिता  प्रदर्शनी:

  • लगभग 100 दिव्यांग कारीगर/कलाकार एवं उद्यमी भाग लेंगे।
  • 20 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से प्रतिनिधित्व होगा।
  • कुल 75 स्टॉल लगाए जायेंगे।
  • भारत सरकार की संस्थाओं एवं स्वयंसेवी संगठनों (एनजीओ) के भी स्टॉल होंगे।
     

प्रदर्शित उत्पादों की श्रेणियाँ:

  • गृह सज्जा एवं जीवनशैली संबंधित वस्तुएँ
  • वस्त्र एवं हथकरघा उत्पाद
  • लेखन-सामग्री एवं पर्यावरण–अनुकूल उत्पाद
  • पैकबंद एवं जैविक खाद्य सामग्री
  • खिलौने एवं उपहार सामग्री
  • व्यक्तिगत आभूषण, परिधान सामग्री एवं हाथ के थैले (क्लच बैग)

मुख्य आकर्षण:

यह मेला लोकल के लिए वोकल की भावना को बढ़ावा देता है। यह एक ऐसा अवसर है जहाँ आप दिव्यांग कारीगरों द्वारा बनाए गए दृढ़ संकल्प से निर्मित उत्पादों को देख सकते हैं और उन्हें खरीद सकते हैं।

सांस्कृतिक गतिविधियाँ:

  • मेला प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक खुला रहेगा।
  • प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिनमें दिव्यांग कलाकारभाग  लेंगे।
  • विभिन्न व्यंजनों का स्वाद भी आगंतुकों को मिलेगा।
  • 31 अगस्त 2025 को विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति “दिव्य कला शक्ति का आयोजन होगा, जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए दिव्यांग कलाकार भाग लेंगे।

विशेष आयोजन:

  • रोजगार मेला : इस मेले में दिव्यांगजन के लिए एक विशेष रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा, जिससे उन्हें प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।
  • सहायक उपकरण पंजीकरण: दिव्यांगजन एलिमको (ALIMCO) के स्टॉल पर सहायक उपकरणों हेतु पंजीकरण करा सकते हैं।
  • सूचना एवं नवाचार: दिव्यांगजन सशक्तिकरण हेतु कार्यरत संस्थाओं द्वारा नई जानकारियाँयोजनाएँ एवं नवाचार भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
  • विशेष खेल गतिविधियाँ: जैसे – दृष्टिबाधित क्रिकेट एवं अन्य प्रकार के खेलों का आयोजन किया जाएगा।

उद्घाटन समारोह:

इस मेले का उद्घाटन 23 अगस्त 2025 को सायं 6:00 बजे किया जाएगा, जिसमें बिहार के माननीय राज्यपाल एवं भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इस अवसर पर अन्य कई गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहेंगे।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग का उद्देश्य “दिव्य कला मेला” की अवधारणा को देशभर में विस्तार देना है। इसके अंतर्गत विभिन्न दिव्यांगता अनुभव क्षेत्रनवाचारों के लिए अवसरनए सहायक उपकरण, और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाएँ सम्मिलित की जा रही हैं, जिससे यह आयोजन दिव्यांगजन के लिए एक सजीव एवं सशक्त अनुभव बन सके।


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By udaen

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