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मेरा गांव मेरी धरोहर योजना

देश भर के लगभग 6.5 लाख गांवों की पहचान की गई है, जिनमें से लगभग 4.7 लाख गांवों का डेटा एमजीएमडी पोर्टल पर अपलोड किया गया है। तमिलनाडु राज्य में 19,219 गांवों में से 14,251 गांव का डेटा मैप करके अपलोड कर दिया गया है। तमिलनाडु के लिए राज्य-वार और ज़िले-वार विवरण क्रमशः अनुलग्नक-I और अनुलग्नक-II में दिए गए हैं।

एमजीएमडी कार्यक्रम अपने व्यापक पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक गांव की अनूठी भाषाई, सांस्कृतिक और विरासत प्रथाओं को ध्यान में रखता है, जिसमें मंदिर वास्तुकला, लोक कलाएं और शास्त्रीय परंपराएं शामिल हैं। इसमें तमिलनाडु की विशिष्ट परंपराएं जैसे सिद्ध चिकित्सा और स्थानीय कला रूप भी शामिल हैं।

एमजीएमडी पोर्टल पर क्राउडसोर्सिंग का विकल्प उपलब्ध है, जो स्थानीय समुदायों को सांस्कृतिक विरासत के दस्तावेजीकरण और संरक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेने में सक्षम बनाता है। ग्रामीणों को अपने गांवों से संबंधित सांस्कृतिक जानकारी जमा करने और उसे सत्यापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

हालांकि, इस पहल के तहत ग्रामीणों को कोई भी आर्थिक या कौशल विकास लाभ नहीं दिया गया है।

केन्द्र सरकार सांस्कृतिक पर्यटन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और शैक्षिक पहलों के माध्यम से देश भर में विरासत गांवों को बढ़ावा देने के लिए कदम उठा रही है। इनमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भागीदारी को प्रोत्साहित करना, पारंपरिक कला रूपों को प्रदर्शित करना और डिजिटल तथा शैक्षिक आउटरीच के जरिए जागरूकता पैदा करना शामिल है। हालांकि, तमिलनाडु के गांवों के लिए विशेष रूप से कोई पहल नहीं है।

केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

अनुलग्नकों को देखने के लिए यहां क्लिक करें।


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By udaen

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