प्रशाद और एसडीएस योजनाएं
पर्यटन मंत्रालय “तीर्थयात्रा पुनरुद्धार एवं आध्यात्मिक, विरासत संवर्धन अभियान” (प्रशाद) के अंतर्गत देशभर में चिन्हित धार्मिक एवं विरासत स्थलों पर पर्यटन के आधारभूत विकास के लिए राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। इस योजना के अंतर्गत पर्यटन मंत्रालय ने 28 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 54 परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनका विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है।
उक्त योजना के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं का कार्यान्वयन संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रशासन द्वारा किया जाता है। प्रशाद योजना के अंतर्गत परियोजनाओं के पूरा होने में देरी विभिन्न कारणों से होती है, जैसे निविदा प्रक्रिया में देरी, राज्य कार्यान्वयन एजेंसी की सीमित क्षमता, परियोजना नियोजन, डिज़ाइन में देरी और अपेक्षित दस्तावेज़ों का प्रस्तुत न हो पाना।
पर्यटन मंत्रालय नियमित रूप से परियोजना की प्रगति की निगरानी करता है और संबंधित राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रशासनों/केन्द्रीय एजेंसियों को समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित भी करता है।
स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत पर्यटन मंत्रालय ने चिन्हित विषयगत सर्किटों के अंतर्गत 5290.30 करोड़ रुपये की 76 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त मंत्रालय ने स्थायी और उत्तरदायी पर्यटन स्थलों के विकास हेतु इस योजना को स्वदेश दर्शन 2.0 (SD2.0) के रूप में पुनर्गठित किया और 2108.87 करोड़ रुपये की 52 परियोजनाओं को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं का विवरण अनुलग्नक-II में दिया गया है।
योजनाओं के अंतर्गत पर्यटन विकास परियोजनाओं का चयन योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तथा संबंधित राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रशासनों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद किया जाता है तथा इसमें भारत की क्षेत्रीय और सांस्कृतिक विविधता को भी ध्यान में रखा जाता है।
इसके अलावा स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत गंतव्यों/परियोजनाओं की पहचान में एक समग्र विकास दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिसमें भविष्य की पर्यटन क्षमता, कनेक्टिविटी, टिकाऊ और जिम्मेदार पर्यटन को रेखांकित किया जाता है।
स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत पर्यटन मंत्रालय ने देशभर में विभिन्न विषयगत सर्किटों के अंतर्गत 5290.30 करोड़ रुपये की 76 परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें ग्रामीण, हिमालयी, जनजातीय, इको-पर्यटन, वन्यजीव, तटीय, पूर्वोत्तर आदि विषय शामिल हैं।
पर्यटन मंत्रालय ने देश में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जनवरी 2020 में “देखो अपना देश” पहल शुरू की थी। इस पहल के तहत मंत्रालय वेबिनार, प्रश्नोत्तरी, शपथ, सेमिनार, पर्यटन प्रचार कार्यक्रम, परिवार भ्रमण, वेबसाइट, सोशल मीडिया आदि विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से भारत के पर्यटन स्थलों और उत्पादों को बढ़ावा देता है।
पर्यटन मंत्रालय ने छोटे टूर ऑपरेटरों, स्थानीय कारीगरों और होमस्टे प्रदाताओं सहित पर्यटन सेवा प्रदाताओं को शिक्षा, प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रदान करने के लिए “सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण” (सीबीएसपी) की योजना शुरू की है, ताकि देश की विशाल पर्यटन क्षमता का पूरा लाभ उठाने के लिए पर्यटन उद्योग के हर स्तर पर जनशक्ति को उन्नत किया जा सके और स्थानीय लोगों को पेशेवर विशेषज्ञता प्रदान की जा सके और साथ ही पर्यटन क्षेत्र में नए अवसर पैदा किए जा सकें।
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी लोकसभा में दी।
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