दिनांक: 16 जून 2025
स्थान: उत्तरांचल प्रेस क्लब, देहरादून
बस्ती बचाओ आंदोलन का सेमिनार सम्पन्न, एलिवेटेड रोड परियोजना और बस्तियों की बेदखली के खिलाफ संघर्ष तेज़ करने का संकल्प

बस्ती बचाओ आन्दोलन उत्तराखण्ड के तत्वावधान में आज उत्तरांचल प्रेस क्लब, देहरादून में एक महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किया गया जिसमें रिस्पना-बिन्दाल एलिवेटेड रोड परियोजना से प्रभावित सैकड़ों परिवारों के समर्थन में एकजुटता प्रकट की गई।

सेमिनार को संबोधित करते हुए किसान सभा के महामंत्री एवं जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष बीजू कृष्णन ने कहा, “हम अंतिम सांस तक प्रभावितों की लड़ाई में साथ रहेंगे। भाजपा सरकार का चुनावी वादा था कि बस्तियों को मालिकाना हक मिलेगा, पर अब वही बस्तियां उजाड़ी जा रही हैं।” उन्होंने केरल मॉडल का हवाला देते हुए मुआवजा और पुनर्वास की न्यायपूर्ण नीति अपनाने पर बल दिया।

सेमिनार की अध्यक्षता किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सजवाण ने की। मंच संचालन संयोजक अनन्त आकाश द्वारा किया गया। सेमिनार का मूल प्रस्ताव लेखराज (सीटू) ने रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।

सेमिनार के मुख्य बिंदु:
- एलिवेटेड रोड परियोजना के नाम पर गरीब बस्तियों का लक्षित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई।
- सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों की अनदेखी करते हुए पुनर्वास और मुआवजा दिए बिना बेदखली।
- 2016 पुनर्वास अधिनियम का खुला उल्लंघन।
- सरकार द्वारा हाईकोर्ट और एनजीटी के आदेशों का दुरुपयोग।
सेमिनार की प्रमुख घोषणाएं:
- बिना मुआवजा और पुनर्वास के कोई भी बेदखली स्वीकार नहीं की जाएगी।
- मानवाधिकार आयोग, एनजीटी, तथा हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।
- प्रभावित बस्तियों के साथ सार्वजनिक संवाद, जन जागरूकता अभियान और आंदोलन तेज़ किया जाएगा।
उल्लेखनीय उपस्थिति:
नितिन मलेठा, नुरैशा अंसारी, अल्ताफ मोहम्मद, एसएस नेगी, रंजन सोलंकी, शम्भू प्रसाद ममगाईं, डॉ. सुनील, नवनीत गुंसाई, दिले राम रवि, गंगाधर नौटियाल, राजेन्द्र पुरोहित, तन्मय ममगाईं, शैलेन्द्र परमार, विप्लव अनन्त, डॉ. अनिल बौद्ध, कमलेश, सुनील कुमार, परविंदर, बच्चन सिंह राणा, चेतन कुमार, गगन गर्ग आदि सहित बड़ी संख्या में प्रभावित बस्तियों के निवासी उपस्थित रहे।
निवेदक:
अनन्त आकाश
संयोजक, बस्ती बचाओ आंदोलन – उत्तराखण्ड
📞 संपर्क: 9084774732, 9411587969
