तीसरे दिन धरोहर 2.0 में छाया लोक रंग और आधुनिक परंपरा का संगम साथ में नेपाली गीतों का संसार
इमेज इवेंट द्वारा आयोजित इस मेले में देहरादूनवासियों की उमड़ी भीड़, हर शाम बन रही यादगार
देहरादून, परेड ग्राउंड | दिनांक: 09 जून 2025

धरोहर 2.0 का तीसरा दिन भी उमंग, उत्सव और लोक-संस्कृति की जीवंत झलकियों से भरा रहा। इमेज इवेंट द्वारा आयोजित इस 15 दिवसीय उत्सव में आज की सांस्कृतिक संध्या में राम भक्ति, देशभक्ति और पारंपरिक–आधुनिक रंगों का अद्भुत संगम देखने को मिला।
नेपाल की सांस्कृतिक छाया में सजी संगीत संध्या
आज की विशेष संध्या में नेपाली सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आईं कलाकार दीप्ति और सतीश थापा ने अपने पारंपरिक गीत-संगीत से समां बांध दिया। भक्ति और लोकगीतों की सजीव प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। संगीत का यह कारवां लगातार दर्शकों की तालियों और उत्साह से आगे बढ़ता गया।
प्रदर्शनी में दिखा उत्तराखंड का आत्मनिर्भर स्वरूप
प्रदर्शनी में उत्तराखंड के जैविक उत्पाद जैसे बुरांश और माल्टा जूस, लोकल स्क्वैश, और पारंपरिक व्यंजन विशेष छूट के साथ प्रदर्शित किए गए।
इसके साथ-साथ आधुनिक जूस मशीन से ताजा जूस, किचन वेयर, वेजिटेबल स्लाइसर, पंजाब की पारंपरिक जूतियां, राजस्थानी अचार, सुगंधित चाय और व्यंजनों की महक ने हर दर्शक को आकर्षित किया।
बच्चों के लिए बना मनोरंजन का संसार
बाउंसी मिकी माउस, झूले, ट्रैंपोलिन, और कार्टून किरदारों की उपस्थिति ने बच्चों के लिए धरोहर 2.0 को उत्सव से कहीं अधिक, एक यादगार अनुभव बना दिया।
शिल्प और कला का संगम
मार्बल की कलात्मक मूर्तियां, मनभावन पंजा की पॉटरी, AVN के हस्तनिर्मित उत्पाद, और अन्य दर्जनों स्टॉल्स पर दर्शकों ने भारी रुचि दिखाई। हर उत्पाद में उत्तराखंड की मिट्टी और स्थानीय हुनर की झलक साफ़ नजर आई।
इमेज इवेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुनील रावत ने जानकारी दी कि “धरोहर 2.0 एक ऐसा मंच है जहाँ हर उम्र, हर वर्ग और हर क्षेत्र के लोग अपनी प्रतिभा को साझा कर सकते हैं। यह मेला तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है और आने वाली हर संध्या सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजी रहेगी।”
प्रतियोगिताएं और इनाम
“धरोहर में सेल्फी लीजिए” प्रतियोगिता भी युवाओं में खासा लोकप्रिय हो रही है। दर्शक अपनी सेल्फी फेसबुक व इंस्टाग्राम पर अपलोड कर रहे हैं और सबसे अधिक लाइक्स पाने वालों को मिलेगा आकर्षक गिफ्ट हैम्पर।
धरोहर 2.0 सिर्फ एक मेला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आत्मा, संस्कृति और नवाचार का उत्सव है।
परेड ग्राउंड, देहरादून में आप भी आइए, जुड़िए और बन जाइए इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा!
नेपाल की सांस्कृतिक छाया में सजी संगीत संध्या
आज की विशेष संध्या में नेपाली सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आईं कलाकार दीप्ति राणा और सतीश थापा ने अपने पारंपरिक गीत-संगीत से समां बांध दिया। भक्ति और लोकगीतों की सजीव प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। संगीत का यह कारवां लगातार दर्शकों की तालियों और उत्साह से आगे बढ़ता गया।
प्रदर्शनी में दिखा उत्तराखंड का आत्मनिर्भर स्वरूप
प्रदर्शनी में उत्तराखंड के जैविक उत्पाद जैसे बुरांश और माल्टा जूस, लोकल स्क्वैश, और पारंपरिक व्यंजन और अचार विशेष छूट के साथ प्रदर्शित किए गए।
इसके साथ-साथ आधुनिक जूस मशीन से ताजा जूस, किचन वेयर, वेजिटेबल स्लाइसर, पंजाब की पारंपरिक जूतियां, राजस्थानी अचार, सुगंधित चाय और व्यंजनों की महक ने हर दर्शक को आकर्षित किया।
बच्चों के लिए बना मनोरंजन का संसार
बाउंसी मिकी माउस, झूले, ट्रैंपोलिन, और कार्टून किरदारों की उपस्थिति ने बच्चों के लिए धरोहर 2.0 को उत्सव से कहीं अधिक, एक यादगार अनुभव बना दिया।
शिल्प और कला का संगम
मार्बल की कलात्मक मूर्तियां, खुर्जा की पॉटरी, AVN के हस्तनिर्मित उत्पाद, और अन्य दर्जनों स्टॉल्स पर दर्शकों ने भारी रुचि दिखाई। हर उत्पाद में उत्तराखंड की मिट्टी और स्थानीय हुनर की झलक साफ़ नजर आई।
इमेज इवेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुनील रावत ने जानकारी दी कि “धरोहर 2.0 एक ऐसा मंच है जहाँ हर उम्र, हर वर्ग और हर क्षेत्र के लोग अपनी प्रतिभा को साझा कर सकते हैं। यह मेला तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है और आने वाली हर संध्या सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजी रहेगी।”
प्रतियोगिताएं और इनाम
“धरोहर में सेल्फी लीजिए” प्रतियोगिता भी युवाओं में खासा लोकप्रिय हो रही है। दर्शक अपनी सेल्फी फेसबुक व इंस्टाग्राम पर अपलोड कर रहे हैं और सबसे अधिक लाइक्स पाने वालों को मिलेगा आकर्षक गिफ्ट हैम्पर।
धरोहर 2.0 सिर्फ एक मेला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आत्मा, संस्कृति और नवाचार का उत्सव है।
परेड ग्राउंड, देहरादून में आप भी आइए, जुड़िए और बन जाइए इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा!
