
गढ़वाली सिनेमा को एक नई पहचान देने वाली फिल्म ‘निखाण्या जोग’ (अर्थात – मेहनती और ईमानदार होते हुए भी जीवन की एक गलती से सब कुछ पाने के बाद भी उसे न खा पाने की विडंबना) अब कोटद्वार के दर्शकों के सामने पेश होने जा रही है। यह फिल्म 16 मई 2025 को कोटद्वार प्लेक्स सिनेमा (पुराना दीप टॉकीज) में दोपहर 4:00 बजे एक विशेष शो के रूप में प्रदर्शित की जाएगी।
देहरादून और दिल्ली-एनसीआर के इन्द्रापुरम में पहले ही इस फिल्म ने दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बना ली है। अब यह सामाजिक और पारिवारिक संवेदनाओं से जुड़ी कृति कोटद्वार की जनता से संवाद स्थापित करने आ रही है।
फिल्म की कथा – एक पहाड़ी युवक का संघर्ष और नियति से टकराव
‘निखाण्या जोग’ एक गरीब लेकिन मेहनती और ईमानदार पहाड़ी नवयुवक की मार्मिक कहानी है। यह फिल्म दिखाती है कि कैसे ईमानदारी और परिश्रम से जीवन की हर ऊंचाई को छूने के बावजूद, एक छोटी सी भूल कैसे किस्मत को मोड़ देती है और जीवन में गहरे दर्द छोड़ जाती है। फिल्म न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि समाज को सोचने पर मजबूर करती है।
प्रमुख कलाकार और निर्माण टीम
इस गढ़वाली फिल्म के निर्माता आशा मुनेन्द्र सकलानी हैं और निर्देशन का भार संभाला है देबु रावत ने। कार्यकारी निर्माता और कहानीकार हैं डा० एम० सकलानी, जबकि सिनेमैटोग्राफी और संपादन किया है नागेन्द्र प्रसाद ने। डीओपी हैं मनोज सती और गीतों को लिखा है सत्येंद्र फरियन्डा ने। फिल्म के संगीत को सजाया है अमित वी कपूर ने।
फिल्म में संगीत की खास बात यह है कि इसमें पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, अमित खरे, और प्रतीक्षा जैसे प्रतिभाशाली गायकों ने अपनी आवाज दी है।
मुख्य कलाकारों में शामिल हैं:
मोहित घिल्डियाल, प्राची पंवार, मानसी शर्मा, अजय सिंह बिष्ट, रवि ममगाई, पुरुषोत्तम जेठुरी, विनीता नेगी, सुषमा व्यास, संजय बडोनी, राजेश जोशी, हर्ष खत्री, राज कपसूडी, वीरेंद्र नौटियाल, पूनम नैथानी और डा० एसडी सकलानी।
गढ़वाली सिनेमा को दें अपना समर्थन
गढ़वाली भाषा और संस्कृति को सशक्त करने की दिशा में यह फिल्म एक सराहनीय प्रयास है। कोटद्वार की सम्मानित जनता से अपील है कि वे इस फिल्म का अवलोकन कर गढ़वाली सिनेमा को अपना प्यार, समर्थन और प्रोत्साहन दें।
आइए, एक साथ मिलकर अपने पहाड़ की बोली, कला और संघर्ष की गाथा को बड़े पर्दे पर देखें, समझें और सहेजें।
