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कोविड के बाद, हमने भारत में 2 बिलियन डॉलर का निवेश देखा, जो कंटेंट निर्माण और मनोरंजन में गतिशील बदलाव को दर्शाता है: सारंडोस

नेटफ्लिक्स के सह-सीईओ टेड सारंडोस ने आज मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) के तीसरे दिन अभिनेता सैफ अली खान से बातचीत करते हुए कहा कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने भारत में फिल्म निर्माण के लोकतंत्रीकरण को समर्थ बनाया है।

“स्ट्रीमिंग द न्यू इंडिया: कल्चर, कनेक्टिविटी और क्रिएटिव कैपिटल” विषय पर हुई बातचीत में डिजिटल युग में कहानी कहने के उभरते परिदृश्य, रचनात्मक स्वतंत्रता पर स्ट्रीमिंग के प्रभाव और वैश्विक मनोरंजन मानचित्र पर भारत की बढ़ती उपस्थिति पर चर्चा की गई।

कहानी सुनाने के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर, सरंडोस ने कहा, “यह अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है कि कहानी सुनाने का काम किस दिशा में जाएगा। लेकिन जो बात हमेशा बनी रहती है, वह है दर्शकों से जुड़ने का इरादा। कोविड के बाद, हमने भारत में 2 बिलियन डॉलर का निवेश देखा, जो देश में कंटेंट निर्माण और उपभोग में गतिशील बदलाव का स्पष्ट संकेत है।”

सैफ अली खान ने लोकप्रिय सीरीज सेक्रेड गेम्स में नेटफ्लिक्स के साथ अपने सहयोग पर विचार करते हुए स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की परिवर्तनकारी शक्ति पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “पहले हमें कठोर प्रारूपों का पालन करना पड़ता था। स्ट्रीमिंग ने अभिनेताओं और फिल्म निर्माताओं को उन बाधाओं से मुक्त कर दिया है। अब, दुनिया भर के लोग हमारी कहानियां देख सकते हैं, जो वे पारंपरिक सिनेमा में नहीं देख पाते थे।”

भारत में फिल्म निर्माण के लोकतंत्रीकरण के बारे में विस्तारपूर्वक बताते हुए उन्होंने कहा, “दर्शक कभी भी अलग-अलग कहानियों तक पहुंच सकते हैं, और रचनाकारों को उन्हें बताने की अधिक स्वतंत्रता है। यह देखने और बनाने का एक सतत चक्र है।”

सिनेमा और स्ट्रीमिंग के सह-अस्तित्व को संबोधित करते हुए, सारंडोस ने पुष्टि की कि थिएटर रिलीज़ अभी भी मूल्यवान हैं। उन्होंने कहा, “सिनेमा पुराने नहीं हुए हैं। स्ट्रीमिंग और थिएटर प्रतिस्पर्धी नहीं हैं। वे एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ सकते हैं क्योंकि हमारे सामने बाजार बहुत बड़ा है।”

सैफ ने भी यही भावना दोहराई और कहा कि उनके लिए सबसे सार्थक प्रोजेक्ट वे हैं जो भारतीय संस्कृति से जुड़े हों। उन्होंने कहा, “अगर कोई विदेश में मुझसे मेरी फिल्मों के बारे में पूछता है, तो मैं ओमकारा या परिणीता के बारे में बात करता हूं – ये हमारी संस्कृति से गहराई से जुड़ी फिल्में हैं। दुनिया को अपनी कहानियां बताने में कुछ अविश्वसनीय रोमांच होता है।”

सारंडोस और सैफ दोनों ने वेव्‍स की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह एक ऐसा मंच है जो वैश्विक और भारतीय कहानीकारों के बीच रचनात्मक तालमेल को बढ़ाता है। सारंडोस ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा, “यदि यहां प्रस्तुत विचार काम करते हैं, तो वे कल्पना से परे सफल होंगे। वेव्‍स उस गति के लिए एक शानदार मंच है।”

वेव्स शिखर सम्मेलन संवाद, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से मनोरंजन उद्योग के भविष्य को आकार देने के लिए दुनिया भर के दूरदर्शी और उद्योग विशेषज्ञों को एक साथ लाता है।


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By udaen

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