सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने प्रथम विश्व ऑडियो विजुअल मनोरंजन शिखर सम्मेलन के आयोजन से पहले प्रभावित करने वाले, पॉडकास्ट करने वाले, एनीमेशन निर्माता और गेम तैयार करने वाले जैसे कंटेंट रचनकेंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और गजेंद्र सिंह शेखावत ने रचनात्मक कंटेंट से जुड़े रचनाकारों और कंपनियों को एक साथ लाने के लिए ई-मार्केटप्लेस, ‘वेव्स बाज़ार’ लॉन्च कियावेव्स के तहत शास्त्रीय और अर्ध-शास्त्रीय संगीत चुनौती ‘वाह उस्ताद’ और खादी के प्रचार सहित तीन अन्य क्रिएट इन इंडिया चुनौतियों को लॉन्च किया गया; पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के प्रोत्साहन के लिए भी कंटेंट चैलेंज की घोषणा की गईवेव्स भारत को कंटेंट निर्माण की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करेगा; भारत की सांस्कृतिक विरासत को विश्व स्तर पर प्रमुखता मिल रही है, जो विवेकानंद की विरासत को प्रतिध्वनित करती है: श्री अश्विनी वैष्णव

Byudaen

Jan 28, 2025
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वेव्स कला प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है और यह भारतीय रचनाकारों को दुनिया के सामने हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए प्रेरित करेगा: श्री. गजेंद्र शेखावत

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण, रेलवे और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र, नई दिल्ली में विभिन्न पहलों का शुभारंभ किया। इन पहलों के शुभारंभ के साथ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आज विश्व ऑडियो विजुअल एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) के आयोजन से पहले एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।

इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव श्री संजय जाजू, संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री अरुणीश चावला, भारतीय फिल्म निर्माता श्री शेखर कपूर और प्रसार भारती के सीईओ श्री गौरव द्विवेदी भी उपस्थित थे।

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भारत को सृजनकर्ता अर्थव्यवस्था की वैश्विक राजधानी में बदलना

प्रधानमंत्री के विश्व ऑडियो विजुअल एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) को दावोस आर्थिक मंच की तरह वैश्विक प्रतिष्ठा के शिखर सम्मेलन के रूप में स्थापित करने के दृष्टिकोण को दोहराते हुए, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने उल्लेख किया कि यह प्रयास भारत की सृजनकर्ता अर्थव्यवस्था को उजागर करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। भारत की सृजनकर्ता अर्थव्यवस्था परंपरा, कहानी कहने के कला और सांस्कृतिक महत्व से समृद्ध है और जिसे वैश्विक स्तर पर ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ के रूप में जाना जाता है।

श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “हमारी समृद्ध संस्कृति, जो कभी स्वामी विवेकानंद के माध्यम से शिकागो विश्व मेले के हॉल में गूंजती थी, को आज हमारे प्रधानमंत्री योग, संस्कृति, रचनात्मकता और आयुर्वेद जैसी पहलों के माध्यम से वैश्विक मंच पर आगे बढ़ा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “वेव्स इसी प्रयास का विस्तार है, जिसका लक्ष्य भारत को सृजनकर्ता अर्थव्यवस्था की वैश्विक राजधानी बनाना है।”

केंद्रीय मंत्रियों ने वेव्स बाज़ार, 3 क्रिएट इन इंडिया चैलेंज, वेव्स पुरस्कार लॉन्च किए और एक अन्य चैलेंज की भी घोषणा की।

वेव्स बाज़ार: सृजनकर्ता अर्थव्यवस्था की क्षमता का दोहन

इस कार्यक्रम में वेव्स बाज़ार – ग्लोबल ई-मार्केटप्लेस का अनावरण किया गया, जो भारत की विशाल रचनात्मक प्रतिभा को अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों से जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया एक अभूतपूर्व प्लेटफ़ॉर्म है। यह प्लेटफ़ॉर्म उपयोगकर्ताओं को अपने कंटेंट प्रदर्शित करने, प्रोजेक्ट पेश करने और भौगोलिक सीमाओं से परे सार्थक संबंध बनाने में सक्षम बनाता है। यह उपयोगी उपकरण और संसाधन प्रदान करके वैश्विक व्यावसायिक संवाद को सरल बनाता है तथा सुनिश्चित करता है कि निर्माता और व्यवसाय, विकास और सफलता के नए अवसरों की खोज करने के क्रम में अपनी पहुँच का विस्तार कर सकें।

इस अवसर पर, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव ने उल्लेख किया कि वेव्स बाज़ार एक परिवर्तनकारी प्लेटफ़ॉर्म है, जो फ़िल्म, टीवी, संगीत, ईस्पोर्ट्स, एनिमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे विभिन्न मनोरंजन क्षेत्रों के रचनाकारों, खरीदारों और सहयोगियों को एकजुट करेगा। यह भौगोलिक अंतर को समाप्त करेगा, जिससे रचनाकारों को अपनी रचना प्रदर्शित करने और सार्थक बी2बी संवाद में शामिल होने की सुविधा मिलेगी।

वेव्स बाज़ार ब्रांड सहयोग, कोष उपलब्धता और वितरण का भी समर्थन करेगा, जिससे रचनाकारों को अपने विचारों को साकार करने के लिए आवश्यक सहयोग प्राप्त करने में मदद मिलेगी। यह व्यापक ई-मार्केटप्लेस भारत में उभरती सृजनकर्ता अर्थव्यवस्था की क्षमता का दोहन करने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण होगा। यह प्लेटफ़ॉर्म, कंटेंट रचनाकारों को अपने उत्पादों, विचारों और कौशल का विपणन करने में सक्षम बनाएगा।

वेव्स पुरस्कार

15 फरवरी, 2025 को नामांकन खुलने के साथ वेव्स पुरस्कार की शुरुआत हो जायेगी। विभिन्न रचनात्मक खंडों में उत्कृष्टता का जश्न मनाने के क्रम में, वेव्स पुरस्कार के तहत गेम ऑफ़ द ईयर, फ़िल्म ऑफ़ द ईयर और एडवरटाइजिंग कैंपेन ऑफ़ द ईयर जैसी श्रेणियाँ शामिल की गयीं हैं। पुरस्कारों में विशेष चयन पुरस्कार भी शामिल हैं, जो प्रौद्योगिकी और सामाजिक प्रभाव जैसे क्षेत्रों में लाइफटाइम अचीवमेंट तथा शानदार प्रभाव का सम्मान करेंगे।

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क्रिएट इन इंडिया चैलेंज के तहत तीन नई चुनौतियाँ

क्रिएट इन इंडिया चैलेंज के तहत तीन नई चुनौतियों, अर्थात “रेज़ोनेट: द ईडीएम चैलेंज”, “मेक द वर्ल्ड वियर खादी” और “वाह उस्ताद” का शुभारंभ एक और मुख्य आकर्षण है।

वाह उस्ताद

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा परिकल्पित तथा संस्कृति मंत्रालय और दूरदर्शन के सहयोग से प्रतिष्ठित “दिल्ली घराना” द्वारा संचालित, “वाह उस्ताद” युवा, शास्त्रीय रूप से प्रशिक्षित गायकों को अपने असाधारण कौशल का प्रदर्शन करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के प्रतिभागियों के लिए खुला है, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी भी शामिल है। यह दो चरणों वाली प्रतियोगिता है, जिसका समापन वेव्स 2025 के ग्रैंड नेशनल फिनाले में होगा, जिसके पंजीकरण की शुरुआत आज प्रसार भारती की वेबसाइट (https://prasarbharati.gov.in/wah-ustad/ ) पर हो गयी है।

मेक द वर्ल्ड वियर खादी

यह चुनौती विज्ञापन पेशेवरों और स्वतंत्र रूप से काम करने वालों (फ्रीलांसर) को ऐसे अभिनव अभियान विकसित करने के लिए आमंत्रित करती है, जो खादी को एक वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करता हो। अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी के लिए खुली इस चुनौती का उद्देश्य भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खादी को बढ़ावा देना है। प्रतिभागियों को विभिन्न प्रारूपों (जैसे, डिजिटल, प्रिंट, वीडियो, अनुभवात्मक) में अभिनव डिजाइन अवधारणाओं का पता लगाना होगा। ‘मेक द वर्ल्ड वियर खादी’ कार्यक्रम खादी की ब्रांड छवि का विस्तार करने तथा उपभोक्ता जुड़ाव को बढ़ाने के लिए रचनात्मक सोच और रणनीतिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करता है।

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रेज़ोनेट: द ईडीएम चैलेंज: भारतीय संगीत संघ (आईएमए) द्वारा आयोजित, “रेज़ोनेट” दुनिया भर के कलाकारों, गीतकारों, संगीतकारों और कलाकारों को इलेक्ट्रॉनिक डांस म्यूज़िक (ईडीएम) निर्माण में अपनी असाधारण प्रतिभा दिखाने के लिए आमंत्रित करता है। यह चुनौती सभी देशों के प्रतिभागियों के लिए खुली है।

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भारत की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई चुनौती

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री ने भारत के समृद्ध पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली फिल्मों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई चुनौती की भी घोषणा की। यह पहल फिल्म निर्माताओं को देश के जीवंत सांस्कृतिक ताने-बाने को गंभीरता से समझने और इसे राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों के सामने प्रदर्शित करने की चुनौती देती है। इन चुनौतियों का उद्देश्य रचनात्मकता, नवाचार और वैश्विक भागीदारी को बढ़ावा देना है।

वेव्स: वैश्विक स्तर पर भारत की सांस्कृतिक ताकत का प्रदर्शन

इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भारत को कहानीकारों, संगीतकारों, कंटेंट निर्माताओं और धार्मिक विविधता का जीवंत केंद्र बताया। श्री शेखावत ने कहा, “हमारी सांस्कृतिक विरासत न केवल हमारे अतीत का प्रमाण है, बल्कि वैश्विक मंच पर हमारे भविष्य का आधार भी है।” इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का लाभ उठाने के लिए, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने वेव्स नामक एक गतिशील मंच शुरू किया है, जो भारत की रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रदर्शित करने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

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जैसे-जैसे भारत विभिन्न क्षेत्रों- आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी- में प्रगति कर रहा है, हमारी सांस्कृतिक शक्ति हमारी सबसे बड़ी संपत्ति बनी हुई है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वेव्स के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता को वह वैश्विक मान्यता मिलेगी, जिसकी वह हकदार है। इससे सांस्कृतिक सृजन अर्थव्यवस्था दुनिया की औपचारिक अर्थव्यवस्था का एक अभिन्न अंग बन जाएगी। यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि वेव्स भारत की सांस्कृतिक शक्ति को प्रदर्शित करने और बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे हमारे रचनाकारों को दुनिया भर में सम्मान और मान्यता प्राप्त करने का आधार प्राप्त होगा।

क्रिएट इन इंडिया चैलेंज

क्रिएट इन इंडिया चैलेंज, भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की प्रमुख पहल तथा विश्व ऑडियो विजुअल मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) की आधारशिला है। क्रिएट इन इंडिया चैलेंज को भारत और दुनिया भर के महत्वाकांक्षी और पेशेवर रचनाकारों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। 70,000 से अधिक पंजीकरणों के साथ, इस चुनौती ने विविध पृष्ठभूमि के व्यक्तियों और समुदायों को आकर्षित किया है। यह चुनौती जीवंत रचनात्मकता और नवाचार के लिए एक समग्र इकोसिस्टम बढ़ावा देती है। अब तक, 31 क्रिएट इन इंडिया चैलेंज शुरू की गई हैं, जिनमें से 25 अभी भी पंजीकरण के लिए खुली हैं और 22 वैश्विक भागीदारी को आकर्षित कर रही हैं।

भारत: कहानी कहने की भूमि

प्रसिद्ध फिल्म निर्माता शेखर कपूर ने अपने संबोधन के दौरान सबसे बड़े कंटेंट निर्माण और उपभोग करने वाले देश के रूप में भारत की स्थिति पर प्रकाश डाला। श्री कपूर ने कहा, “भारत न केवल एक प्रमुख केंद्र है, बल्कि फिल्मों से लेकर गेमिंग तक सांस्कृतिक और डिजिटल कंटेंट का एक शक्तिपुंज है। इसे हम अपनी ‘सॉफ्ट पावर’ कहते हैं।“ श्री कपूर ने आगामी वेव्स शिखर सम्मेलन के लिए उत्साह व्यक्त किया, जहाँ इस व्यापक रचनात्मक ऊर्जा का प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने इस आयोजन को वैश्विक सृजन अर्थव्यवस्था में भारत के नेतृत्व को प्रदर्शित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में रेखांकित किया।

एक अवसरजिसे खोया नहीं जाना चाहिए

इस शिखर सम्मेलन को अपनी तरह के पहले शिखर सम्मेलन के रूप में स्थापित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो ऑडियो, वीडियो और मनोरंजन को एक ही मंच पर लाता है, जिससे दुनिया भर के रचनाकारों को नेटवर्क बनाने, सहयोग करने और अपनी रचनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने का एक अनूठा अवसर मिलता है। श्री वैष्णव ने सभी कंटेंट रचनाकारों को वेव्स में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया तथा इस बात पर जोर दिया

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