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भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने 10 और 11 दिसंबर, 2024 के दौरान नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में अपने सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण के एनएसएस 80वें दौर के लिए प्रशिक्षकों की एक अखिल भारतीय कार्यशाला (एआईडब्ल्यूओटी) का आयोजन किया। इस दौर में कार्यशाला के अंतर्गत आने वाले विषयों में घरेलू सामाजिक उपभोग पर सर्वेक्षण: स्वास्थ्य और दूरसंचार पर व्यापक मॉड्यूलर सर्वेक्षण (सीएमएस-टी) शामिल हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय और राज्य अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय (डीईएस) 1 जनवरी, 2025 से शुरू होने वाली एक वर्ष की अवधि के लिए संयुक्त रूप से स्वास्थ्य पर सर्वेक्षण करेंगे। सीएमएस-टी का संचालन एनएसओ द्वारा जनवरी-मार्च, 2025 के दौरान किया जाएगा।

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के महानिदेशक श्री काल सिंह ने 10 दिसंबर, 2024 को कार्यशाला का उद्घाटन किया था। उन्होंने अपने उद्घाटन भाषण में राष्ट्रीय स्वास्थ्य खातों के संकलन में स्वास्थ्य सर्वेक्षण डेटा के महत्व पर प्रकाश डाला।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव डॉ. सौरभ गर्ग ने समापन सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने अपने संबोधन में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण हेतु सर्वेक्षणों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। डॉ. सौरभ गर्ग ने उच्च-गुणवत्ता और समय पर डेटा की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों से डेटा संग्रह और प्रसंस्करण में कठोर मानकों को सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने न केवल सर्वेक्षणों के निर्बाध कार्यान्वयन को सुविधाजनक बनाने हेतु बल्कि मंत्रालय के दायरे में आने वाले अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने के लिए राज्य अधिकारियों के साथ सक्रिय बातचीत के महत्व पर भी बल दिया।

इस कार्यशाला में महानिदेशक (एनएसएस) सुश्री गीता सिंह राठौड़ के अलावा राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों सहित फील्ड ऑपरेशंस डिवीजन (एफओडी) के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारी और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों तथा राज्य आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला में भाग लेने वाले क्षेत्रीय कार्यालयों और राज्यों के अधिकारी 1 जनवरी, 2025 से सर्वेक्षण शुरू होने से पहले क्षेत्रीय अधिकारियों को प्रशिक्षण देंगे।

स्वास्थ्य पर सर्वेक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित बुनियादी मात्रात्मक जानकारी इकठ्ठा करना है। इस दौरान मुख्य रूप से रुग्णता, अस्पताल में भर्ती होने की दर, सार्वजनिक एवं निजी दोनों स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों का उपयोग, संस्थागत प्रसव का अनुपात आदि पर संकेतक के साथ इस सर्वेक्षण डेटा से ‘जेब से बाहर खर्च’ के साथ-साथ सरकार द्वारा वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रमों तक पहुंच पर विशेष जोर देने के साथ विशेष जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा।

दूरसंचार पर व्यापक मॉड्यूलर सर्वेक्षण (सीएमएस) दूरसंचार से संबंधित संकेतकों और आईसीटी कौशल पर जानकारी प्रदान करेगा। एकत्रित डेटा का उपयोग संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा वैश्विक सूचकांकों की रिपोर्टिंग के लिए भी किया जाएगा।

सर्वेक्षण में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उन गांवों को छोड़कर पूरे भारतीय गणराज्य को शामिल किया जाएगा, जहां तक ​​पहुंचना आसान नहीं है।


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By udaen

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