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एनटीईपी ने शीघ्र निदान, त्वरित उपचार, सक्रिय मामले की खोज, वायुजनित संक्रमण नियंत्रण एवं सामाजिक निर्धारकों का समाधान करने के लिए एक बहु-क्षेत्रीय दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए एक राष्ट्रीय रणनीतिक योजना लागू की है

लक्षित मध्यवर्तनों, निशुल्क सेवाओं, निजी क्षेत्र की भागीदारी, उन्नत निदान और कमजोर आबादी की व्यापक सहायता के माध्यम से टीबी मामलों और मृत्यु दर में कमी लाने के लिए मध्यवर्तन कार्यक्रम को फिर से रणनीतिबद्ध किया गया

प्रविष्टि तिथि: 06 DEC 2024 4:01PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तत्वावधान में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) ने निम्नलिखित उद्देश्यों के साथ एक राष्ट्रीय रणनीतिक योजना लागू की है:

  • टीबी रोगियों का शीघ्र निदान, गुणवत्ता पूर्ण औषधों एवं उपचार आहारों के साथ शीघ्र उपचार;
  • निजी क्षेत्र में देखभाल चाहने वाले रोगियों के साथ जुड़ना;
  • उच्च जोखिम/कमजोर आबादी में सक्रिय मामले की खोज करना एवं संपर्क का पता लगाना;
  • वायुजनित संक्रमण नियंत्रण;
  • सामाजिक निर्धारकों का समाधान करने के लिए बहु-क्षेत्रीय प्रतिक्रिया।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की वैश्विक टीबी रिपोर्ट 2024 के अनुसार, भारत ने वर्ष 2023 में वैश्विक टीबी मामले और मृत्यु दर में 26 प्रतिशत का योगदान दिया। मंत्रालय ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के माध्यम से उप-राष्ट्रीय स्तरों पर टीबी के भार का आकलन करने के लिए 20 राज्यों/राज्यों के समूहों में राष्ट्रीय टीबी के प्रसार का सर्वेक्षण किया था। देश में सभी आयु वर्ग के सभी प्रकार के टीबी रोगियों की संख्या प्रति लाख पर 312 प्राप्त हुई थी।

व्याप्तता सर्वेक्षण के आधार पर, टीबी रोग की घटना और मृत्यु दर में कमी लाने के लिए और असुरक्षित जनसंख्या पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मध्यवर्तन कार्यक्रम को फिर से रणनीतिबद्ध किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत निम्नलिखित मध्यवर्तन/कदम उठाए गए हैं:

  • राज्य और जिला विशिष्ट रणनीतिक योजनाओं के माध्यम से उच्च टीबी बोझ वाले क्षेत्रों में लक्षित मध्यवर्तन।
  • टीबी रोगियों के लिए निःशुल्क दवाएं एवं निदान का प्रावधान।
  • कमजोर एं सह-रुग्ण आबादी में अभियानों के माध्यम से सक्रिय टीबी मामलों का पता लगाना।
  • टीबी स्क्रीनिंग एवं उपचार सेवाओं के साथ आयुष्मान आरोग्य मंदिर का एकीकरण।
  • टीबी मामलों की अधिसूचना एवं प्रबंधन के लिए प्रोत्साहन के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी।
  • उप-जिला स्तर तक आणविक निदान प्रयोगशालाओं का विस्तार।
  • टीबी रोगियों को पोषण संबंधी सहायता प्रदान करने के लिए निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत कवरेज का विस्तार।
  • कलंक में कमी लाने, सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने एवं स्वास्थ्य अनुकूल व्यवहार में सुधार लाने के लिए गहन सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) मध्यवर्तन।
  • टीबी उन्मूलन के लिए संबद्ध मंत्रालयों के प्रयासों एवं संसाधनों का अभिसरण।
  • टीबी रोगियों और कमजोर आबादी के संपर्कों के लिए टीबी निवारक उपचार का प्रावधान।
  • निक्षय पोर्टल के माध्यम से अधिसूचित टीबी मामलों को ट्रैक करना।
  • निक्षय मित्र पहल के अंतर्गत टीबी रोगियों एवं घरेलू संपर्कों को अतिरिक्त पोषण, नैदानिक ​​एवं व्यावसायिक सहायता प्रदान करना।

यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज लोकसभा में एक लिखित जवाब में दी।

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By udaen

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