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नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 43वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का स्वास्थ्य मंडप, ‘एक स्वास्थ्य’ विषय पर आधारित है। इसका उद्घाटन 14 नवंबर 2024 को नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी.के. पॉल ने किया। यह मंडप शैक्षणिक और सूचनात्मक गतिविधि और सहभागिता का केंद्र बन गया है। यहां पर आधुनिक डिजिटल तकनीक और प्रौद्योगिकी के माध्यम से सभी आयु वर्ग के आगंतुकों को स्वास्थ्य सेवाओं और परस्पर संवाद से शिक्षा और मनोरंजन का मिला-जुला अनूठा अनुभव प्रदान किया जा रहा है।

निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के अनूठे केंद्र के रूप में यह मंडप बच्चों और वयस्कों सहित विविध प्रकार के दर्शकों को कई तरह की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। यहां पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत बच्चों की ऊंचाई, वजन, शरीर द्रव्यमान सूचकांक (बीएमआई), दांत, आंख और कान की जांच की जा रही है, जबकि वयस्कों के लिए निःशुल्क हीमोग्लोबिन, रक्तचाप और शर्करा स्तर की जांच की व्यवस्था है। साथ ही एनीमिया मुक्त भारत, गैर-संचारी रोगों और मानसिक स्वास्थ्य के विषयों पर लगाए गए विभिन्न स्टॉल पर आहार कार्यक्रम और मानसिक सेहत के संबंध में व्यक्तिगत परामर्श सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य मंडप में सबके लिए टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) के स्टॉल पर हाल ही में शुरु किए गए U-WIN डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के बारे में जागरूकता फैलाई जा रही है। सबके लिए टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) स्टॉल पर आगंतुकों को U-WIN ऐप के लाभों के बारे में बताया जा रहा है और QR कोड का उपयोग करके टीकाकरण के लिए U-WIN ऐप डाउनलोड करने के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। अब तक 150 U-WIN ऐप डाउनलोड किए जा चुके हैं। स्टॉल पर आने वाले माता-पिता और अभिभावकों ने टीकाकरण के लिए स्लॉट बुक करने, ई-टीकाकरण प्रमाणपत्र डाउनलोड करने और टीकाकरण के अगले शेड्यूल के लिए SMS अलर्ट प्राप्त करने में U-WIN डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म को बहुत सुविधाजनक और सरल पाया है। UIP स्टॉल पर आगंतुकों को बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के बारे में बताया जा रहा है। आगंतुकों को आसानी से और तेजी से जानकारी मिले इसके लिए राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के बारे में एक पॉकेट कैलेंडर भी साझा किया जा रहा है।

राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोट्टो) के स्टॉल पर अब तक 46 लोगों के रक्तचाप, और 37 लोगों की शर्करा स्तर की जांच की गई है। वहीं,  27 लोगों ने अंगदान का संकल्प लिया और 60 लोगों की बीएमआई जांच की जा चुकी है।

अब तक की प्रमुख गतिविधियां और जांच:

● उन बच्चों की संख्या जिनकी जांच की गई (आरबीएसके): 157

● आयुष्मान भारत वय वंदना योजना के लिए वरिष्ठ नागरिक पूछताछ: ~500

● तपेदिक रोग (टीबी) परामर्श सत्र: 50+

● मानसिक स्वास्थ्य परामर्श: 117 (युवा वयस्कों और बुजुर्गों सहित)

● एचआईवी परीक्षण/जांच: 119

● दंत जांच: ~300

● परिवार नियोजन परामर्श: ~400

● हीमोग्लोबिन परीक्षण: 590

● आहार परामर्श: 500

● श्रवण जांच: 150

● रक्तचार और शर्करा स्तर की जांच: 100

● नेत्र जांच: 218

● फैटी लिवर स्क्रीनिंग: 58

परस्पर संवाद और सांस्कृतिक कार्यक्रम:

आगंतुकों के लिए यहां पर तपेदिक रोग (टीबी), खाद्य सुरक्षा और मच्छरों, पिस्सू से होने और फैलने वाले (वेक्टर जनित) रोगों पर जानकारी देने वाले नुक्कड़ नाटकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जादू के शो का प्रदर्शन किया जा रहा है। शिक्षा और मनोरंजन के ये मिले-जुले कार्यक्रम बड़े आकर्षण का केंद्र हैं।

मंडप में गेमिंग ज़ोन भी बनाया गया है जो लोगों को खूब पसंद आ रहा है। इसमें मानव शरीर रचना की पड़ताल और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर प्रश्नोत्तरी जैसे वर्चुअल रियलिटी गेम शामिल हैं। मंडप की यात्रा के समापन में आगंतुक ‘वन हेल्थ’ मेमोरी वॉल पर यादगार तस्वीर लेते हैं और हार्दिक संदेश छोड़ जाते हैं, जो उनके अनुभव को यादगार बनाता है।

‘एक स्वास्थ्य’ मंडप रोगों के निवारण, उनके बारे में जागरुकता के प्रोत्साहन और उपचार से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति मंत्रालय के समर्पण का जीवंत प्रदर्शन है। यह जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देता है। यह स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के करीब लाने और सभी के लिए स्वस्थ जीवनशैली के विचार को प्रेरित करने के सरकार के मिशन पर बल देता है।

एक स्वास्थ्य’ दृष्टिकोण के बारे में:

‘एक स्वास्थ्य’- सेहत, उत्पादकता और संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों को हल करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों को एक साथ लाने का एकीकृत विचार है। भारत पर इसका बड़ा प्रभाव पड़नेवाला है। भारत में वन्यजीवों की विविधता, सबसे बड़ी पशुधन आबादी, मानव आबादी के उच्च घनत्व और वनस्पतियों की विविधता के बावजूद सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व के साथ-साथ रोगों के एक से दूसरे क्षेत्र में प्रसार का बढ़ा हुआ जोखिम भी प्रतिकूल स्थिति पैदा करता है। कोविड महामारी, मवेशियों में हाल ही में लम्पी त्वचा रोग का प्रकोप और निरंतर एवियन इन्फ्लूएंजा का खतरा यह दर्शाता है कि केवल मानव स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बीमारियों से बचाव करने के बारे में ही विचार करना जरूरी नहीं है, बल्कि हमें पशुधन, वन्यजीव और पौधों सहित पर्यावरणीय पहलुओं को भी देखने की आवश्यकता है। यह प्रत्येक क्षेत्र में परस्पर एक दूसरे के पूरक के रूप में सबकी शक्तियों का लाभ उठाने के साथ एकीकृत, मजबूत और कुशल प्रतिक्रिया प्रणाली तैयार करने के अवसर भी खोलता है। मनुष्यों, जानवरों और पौधों के सह-अस्तित्व और उनके परस्पर संबंध को देखते हुए ऐसे समग्र और एकीकृत ‘वन हेल्थ’ के दृष्टिकोण की आवश्यकता है जिसके जरिए आपस में जुड़ी हुई पर्यावरण को खतरे में डालने वाली चुनौतियों की जटिलता के आधार पर ‘सभी के लिए स्वास्थ्य और सभी के कल्याण’ के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।


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By udaen

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