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देश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के उपाय

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) देश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र के प्रचार और विकास के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम लागू करता है। इन योजनाओं के अंतर्गत लाभ पूरे देश में सभी पात्र सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के लिए उपलब्ध हैं।

सरकार ने देश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें से कुछ निम्नलिखित हैं:

i.    क्रेडिट गारंटी योजना के अंतर्गत सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) के माध्यम से ऋण की विभिन्न श्रेणियों के लिए 85 प्रतिशत तक की गारंटी कवरेज के साथ एमएसई को 500 लाख रुपये (01.04.2023 से) की सीमा तक संपार्श्विक मुक्त ऋण।

ii.   आत्मनिर्भर भारत कोष के माध्यम से 50,000 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश। इस योजना में भारत सरकार से 10,000 करोड़ रुपये के कोष का प्रावधान है।

iii.  सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के वर्गीकरण के लिए नए संशोधित मानदंड।

iv.   व्यवसाय करने में सुगमता के लिए ”उद्यम पंजीकरण पोर्टल” के माध्यम से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) का पंजीकरण।

v.    200 करोड़ रुपये तक की खरीद के लिए कोई वैश्विक निविदा नहीं।

vi.   02.07.2021 से खुदरा और थोक व्यापार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के रूप में शामिल करना।

vii.  सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की स्थिति में ऊपर की ओर बदलाव की स्थिति में गैर-कर लाभ 3 वर्ष के लिए बढ़ाए गए।

viii. 5 वर्षों में 6,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) प्रदर्शन को बढ़ाने और तेज करने (आरएएमपी) के कार्यक्रम की शुरुआत।

ix.   श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के कौशल भारत डिजिटल के साथ उद्यम पंजीकरण पोर्टल का एकीकरण। पंजीकृत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) प्रशिक्षित जनशक्ति और क्षमता निर्माण तक पहुंचने में सक्षम हैं।

x.    विवाद से विश्वास-I के अंतर्गत, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को कटौती की गई प्रदर्शन सुरक्षा, बोली सुरक्षा और नकदी क्षति के 95 प्रतिशत की वापसी के माध्यम से राहत प्रदान की गई थी। अनुबंधों के निष्पादन में चूक से वंचित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को भी राहत प्रदान की गई थी।

xi.   प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (पीएसएल) के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए अनौपचारिक सूक्ष्म उद्यमों (आईएमई) को औपचारिक दायरे में लाने के लिए उद्यम सहायता प्लेटफॉर्म (यूएपी) का शुभारंभ।

xii.  18 व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को शुरू से अंत तक समग्र लाभ प्रदान करने के लिए 17.09.2023 को ‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना का शुभारंभ।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के बारे में अन्य बातों के अलावा, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, रेडियो, आउटडोर प्रचार, सम्मेलनों और मंत्रालय और उसके संगठनों द्वारा संचालित अभियानों के माध्यम से देश भर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) तक उचित रूप से जागरूकता फैलाई गई है। हाल ही में, सरकार ने महिला उद्यमियों के लिए जागरूकता पैदा करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में जन अभियानों की एक श्रृंखला के रूप में “यशस्विनी” अभियान भी शुरू किया है।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।


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By udaen

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