स्वदेशी संस्कृति का अध्ययन
देश भर में स्वदेशी संस्कृति सहित लोक कला और संस्कृति के विभिन्न रूपों की रक्षा, संवर्धन और संरक्षण के लिए भारत सरकार ने वर्ष 1985-86 के दौरान देश में सात क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (जेडसीसी) स्थापित किए हैं, जिनके मुख्यालय पटियाला, नागपुर, उदयपुर, प्रयागराज, कोलकाता, दीमापुर और तंजावुर में हैं। ये जेडसीसी देश में नियमित आधार पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यकलापों और कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं, जिसके लिए उन्हें वार्षिक अनुदान सहायता प्रदान की जाती है।
इसके अतिरिक्त, पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने के लिए, संस्कृति मंत्रालय ने अपने विभिन्न स्वायत्त निकायों के अंतर्गत क्षेत्रीय केंद्र और परियोजना कार्यालय स्थापित किए हैं, जो अन्य बातों के साथ-साथ स्वदेशी संस्कृति सहित संस्कृति और विरासत के उत्थान तथा संरक्षण के लिए काम करते हैं।
पिछले 10 वर्षों के दौरान स्थापित किये गये ऐसे केन्द्र निम्नानुसार हैं:
| क्रम सं. | स्वायत्त निकाय | क्षेत्रीय केंद्र/परियोजना कार्यालय | स्थापना वर्ष |
| 1. | सांस्कृतिक संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र | दमोह | 2022 |
| 2. | राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय | वाराणसी | 2018 |
| श्रीनगर | 2021 | ||
| 3. | इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र | पुदुचेरी | 2017 |
| रांची | 2017 | ||
| गुवाहाटी | 2017 | ||
| त्रिशूर | 2018 | ||
| वडोदरा | 2018 | ||
| गोवा | 2021 | ||
| 4. | ललित कला अकादमी | अहमदाबाद | 2018 |
| अगरतला | 2018 | ||
| 5. | संगीत नाटक अकादमी | अगरतला(दस्तावेज़ीकरण केंद्र) | 2016 |
| झारखंड चंदनकियारी,छऊ केन्द्र | 2018 | ||
| 6. | साहित्य अकादमी | दिल्ली में मौखिक एवं जनजातीय साहित्य केंद्र | 2014 |
