वाहन रिकॉल नीति
केन्द्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 (सीएमवीआर) के नियम 126 के अनुसार मोटर वाहन के प्रत्येक निर्माता या आयातक को वाहन (जिसके द्वारा निर्मित या आयात किया जाना है) के प्रोटोटाइप को नियमों के तहत निर्दिष्ट परीक्षण एजेंसियों द्वारा परीक्षण के लिए प्रस्तुत करना होगा, ताकि उस एजेंसी द्वारा सीएमवीआर, 1989 के तहत अधिनियम और नियमों के प्रावधानों के अनुपालन का प्रमाण पत्र प्रदान किया जा सके।
इसके अतिरिक्त, राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों के पुलिस विभाग से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर मंत्रालय “भारत में सड़क दुर्घटनाएं” शीर्षक से वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित करता है।
राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों से प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण से यह ज्ञात होता है कि सड़क दुर्घटनाएं तेज गति से वाहन चलाना, मोबाइल फोन का उपयोग, नशे में वाहन चलाना/शराब और नशीले पदार्थों का सेवन, गलत साइड/लेन में वाहन चलाना अनुशासनहीनता, लाल बत्ती का उल्लंघन, हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल न करना, वाहनों की स्थिति, मौसम की स्थिति, सड़क की स्थिति, चालक/साइकिल चालक/पैदल यात्री की गलती आदि विभिन्न कारणों से होती हैं।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 110ए मोटर वाहनों के रिकॉल से संबंधित है। यह केंद्र सरकार को किसी निर्माता को किसी विशेष प्रकार या उसके वेरिएंट के मोटर वाहनों के रिकॉल का निर्देश देने का अधिकार देता है। इसके अनुसार, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 11 मार्च 2021 को सामान्य वैधानिक नियम (जीएसआर) 173 (ई) के माध्यम से केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में एक नया नियम 127सी लागू किया गया है, जो दोषपूर्ण मोटर वाहनों के रिकॉल और रिकॉल की सूचना देने की प्रक्रिया का निर्धारण करता है।
सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम) के स्वैच्छिक रिकॉल कोड के तहत सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों और चालू वर्ष के दौरान सुरक्षा दोषों के कारण देश में रिकॉल किए गए वाहनों की कुल संख्या, वर्ग/प्रकार निम्नानुसार है: –
| क्र. सं. | वर्ष | दोपहिया | यात्री गाड़ी | मोटर वाहनों की कुल संख्या |
| 1 | 2021 | 10,74,358 | 2,62,865 | 13,37,223 |
| 2 | 2022 | 1,94,397 | 94,368 | 2,88,765 |
| 3 | 2023 | 1,57,820 | 1,27,086 | 2,84,906 |
| 4 | 2024 (25 जुलाई तक ) | 6,89,203 | 27,607 | 7,16,810 |
| कुल योग | 21,15,778 | 5,11,926 | 26,27,704 |
यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आज राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में दी।
