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भारतीय पेटेंट कार्यालय ने वित्त वर्ष 2023-24 में 1,03,057 पेटेंट प्रदान किए हैं


भारत में पेटेंट इकोसिस्टम का लक्ष्य नवोन्मेषण को बढ़ावा देना और भारतीय उद्योग को आधुनिक बनाना है

पेटेंट कार्यालय ने वित्त वर्ष 2023-24 में 1,03,057 पेटेंट प्रदान किए हैं। सरकार द्वारा भारत में बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) इकोसिस्टम को और सृद्ढ़ बनाने के लिए विभिन्न कदम उठाये गए हैं जिनका विवरण इस प्रकार है:

1. आईटी सक्षम और उन्नत प्रौद्योगिकीयों का उपयोग करने के जरिये आईपी कार्यालयों का आधुनिकीकरण:

पेटेंट कार्यालय के समक्ष दाखिल किए गए सभी दस्तावेज पूरी तरह से डिजिटलीकृत हैं और अंतिम निपटान की कार्यवाही के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप, आवेटकों को पेटेंट और ट्रेडमार्क अनुदान/पंजीकरण प्रमाणपत्र दाखिल करने, प्रसंस्करण करने और प्राप्त करने के लिए पेटेंट और ट्रेडमार्क कार्यालयों का दौरा करने की आवश्यकता नहीं है।

2. फीस प्रोत्साहन

ए. पेटेंट आवेदनों में शुल्क रियायतों के कारण स्टार्टअप्स, एमएसएमई तथा शैक्षणिक संस्थानों  द्वारा पेटेंट फाइल किए जाने में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह इस प्रकार है :

 वर्ष स्टार्टअप्स लघु निकाय शैक्षणिक संस्थान ( ईआई ) 
(एसयू)(एसई)
 भारतीयविदेशीभारतीयविदेशीभारतीयविदेशी
2018-19801  10607 75  फीस में छूट सितंबर में दी गई थी    
2019-2016502  576272
2020-2115981374453
2021-22148219985384740596
2022-23201625132942923306275
2023-24254625342112823306237
        

इसी प्रकार, डिजाइन ऐप्लीकेशन के लिए अभियोग के प्रत्येक चरण में 75 प्रतिशत शुल्क छूट स्टार्टअप्स और एमएसएमई को तथा 50 प्रतिशत ट्रेडमार्क आवेदन दाखिल करने के लिए दी जाती है।

3- आईपीआर में जागरूकता और शीर्ष आईपी अचीवर्स को सम्मान और पुरस्कार :

 देश भर के शैक्षणिक संस्थानों  में आईपी जागरूकता और बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए दिसंबर 2021 में राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा जागरूकता मिशन (एनआईपीएएम) लॉन्च किया गया था और इसके परिणामस्वरूप, अब तक 2 मिलियन से अधिक लोगों को आईपीआर के बारे में प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, आईपी पुरस्कार प्रत्येक वर्ष शीर्ष आईपी अचीवर्स को सम्मानित और पुरस्कृत करने के लिए प्रदान किए जाते रहे हैं और उनमें से कई को उनके प्रयासों के लिए सम्मानित करने के लिए गणतंत्र दिवस समारोह 2024 में भारत सरकार के विशेष अतिथि के रूप में भी आमंत्रित किया गया था।

4. स्टार्ट-अप बौद्धिक संपदा संरक्षण की सुविधा के लिए योजना (एसआईपीपी)

एसआईपीपी योजना 2016 में स्टार्टअप्स को उनके आईपी अधिकारों (पेटेंट, ट्रेडमार्क और डिजाइन) की सुरक्षा में समर्थन देने के लिए शुरू की गई थी, जिसमें पैनल में शामिल आईपी विशेषज्ञों द्वारा नि:शुल्क सुविधा का लाभ उठाने का अवसर प्रदान किया गया था और आईपी विशेषज्ञों की सुविधा शुल्क सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस योजना के बाद स्टार्टअप्स द्वारा आईपी आवेदनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। स्टार्टअप्स द्वारा आईपी फाइलिंग के बारे में विवरण इस प्रकार हैं:-

आईपीपिछले 6 वर्षों में फाइलिंग में वृद्धि ( 2017-18 से 2023-24 ) 
पेटेंट355% 
ट्रेड मार्क्स543% 

5. क्षमता निर्माण :

बैकलॉग आवेदनों के निपटान को संबोधित करने के लिए, पेटेंट कार्यालय में नियंत्रकों के पद पर विभिन्न अधिकारियों को पदोन्नत करके पेटेंट कार्यालय में तकनीकी जनशक्ति की संख्या में वृद्धि की गई है, और इसके अलावा, युवा पेशेवरों और तकनीकी सहायकों को नियंत्रक के निर्णय लेने में सहायता के लिए अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया गया है। इसके परिणामस्वरूप 2023-24 में एक ही वर्ष में 1 लाख से अधिक पेटेंट प्रदान किए गए।

अपेक्षित विवरण इस प्रकार हैं :

वर्षपंजीकृत जीआई आवेदनों की संख्या
2022-2355
2023-24160

23 जून 2024 तक, भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री कार्यालय ने देश में कुल 643 जीआई आवेदन पंजीकृत किए हैं।

यह जानकारी केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।


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By udaen

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