देश भर के 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 410 विशिष्ट पॉक्सो न्यायालयों सहित 755 फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय कार्यरत हैं
आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम, 2018 के अनुरूप, केंद्र सरकार दुष्कर्म और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम से संबंधित लंबित मामलों की समयबद्ध तरीके से त्वरित सुनवाई और निपटान के लिए अक्टूबर, 2019 से विशिष्ट पॉक्सो न्यायालयों सहित फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों (एफटीएससी) की स्थापना के लिए एक केंद्र प्रायोजित योजना लागू कर रही है।
योजना को शुरू में एक वर्ष के लिए लागू किया गया था, जिसे बाद में मार्च, 2023 तक बढ़ा दिया गया था। अब इस योजना को 1952.23 करोड़ रुपये के परिव्यय पर 31.03.2026 तक बढ़ा दिया गया है, जिसमें 1207.24 करोड़ रुपये निर्भया फंड से केंद्रीय हिस्से के रूप में खर्च किए जाएंगे। यह धनराशि सीएसएस पैटर्न (60:40, 90:10) पर जारी की जाती है, ताकि 1 न्यायिक अधिकारी के साथ-साथ 7 सहायक कर्मचारियों के वेतन और दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए एक फ्लेक्सी अनुदान को कवर किया जा सके।
मई, 2024 तक उच्च न्यायालयों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, देश भर के 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 410 विशिष्ट (ई- पॉक्सो) न्यायालयों सहित 755 एफटीएससी कार्यरत हैं, जिन्होंने 2,53,000 से अधिक मामलों का निपटारा किया है। 31.05.2024 तक निपटाए गए मामलों की संख्या के साथ-साथ कार्यरत फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों की संख्या का राज्यवार विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।
फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों की स्थापना; महिला सुरक्षा, यौन और लैंगिक आधारित हिंसा का मुकबला करने, दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम से संबंधित लंबित मामलों को कम करने और यौन अपराधों के पीड़ितों के लिए न्याय तक बेहतर पहुँच प्रदान करने के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दिखाती है। संवेदनशील यौन अपराध मामलों को संभालने में विशेषज्ञ और अनुभवी न्यायाधीशों तथा सहायक कर्मचारियों के साथ, ये न्यायालय सुसंगत और विशेषज्ञ-निर्देशित कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करते हैं, जिससे यौन अपराधों के पीड़ितों को आघात और संकट को कम करने में त्वरित समाधान मिलता है और उन्हें आगे बढ़ने में सक्षम बनाता है। फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों ने पीड़ितों की सुविधा तथा सहानुभूतिपूर्ण कानूनी प्रणाली के अनुरूप महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करने के लिए न्यायालयों के भीतर कमजोर गवाह बयान केंद्र स्थापित करने के दृष्टिकोण को उल्लेखनीय रूप से अपनाया है।
मई, 2024 तक निपटाए गए मामलों की संख्या के साथ-साथ कार्यरत फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों की संख्या का राज्य/संघ शासित प्रदेश-वार विवरण
| क्रम सं. | राज्य/संघ शासित प्रदेश | कार्यरत न्यायालय | योजना की शुरुआत से अब तक संचयी निपटान | ||||
| विशिष्ट पॉक्सो सहित एफटीएससी | विशिष्ट पॉक्सो | एफटीएससी | विशिष्ट पॉक्सो | कुल | |||
| 1 | आंध्र प्रदेश | 16 | 16 | 0 | 4899 | 4899 | |
| 2 | असम | 17 | 17 | 0 | 5893 | 5893 | |
| 3 | बिहार | 46 | 46 | 0 | 11798 | 11798 | |
| 4 | चंडीगढ़ | 1 | 0 | 265 | 0 | 265 | |
| 5 | छत्तीसगढ़ | 15 | 11 | 924 | 4044 | 4968 | |
| 6 | दिल्ली | 16 | 11 | 555 | 1262 | 1817 | |
| 7 | गोवा | 1 | 0 | 32 | 34 | 66 | |
| 8 | गुजरात | 35 | 24 | 2263 | 9793 | 12056 | |
| 9 | हरियाणा | 16 | 12 | 1572 | 4675 | 6247 | |
| 10 | हिमाचल प्रदेश | 6 | 3 | 416 | 1126 | 1542 | |
| 11 | जम्मू-कश्मीर | 4 | 2 | 91 | 101 | 192 | |
| 12 | झारखंड | 22 | 16 | 2279 | 4537 | 6816 | |
| 13 | कर्नाटक | 31 | 17 | 3740 | 6657 | 10397 | |
| 14 | केरल | 55 | 14 | 13530 | 6123 | 19653 | |
| 15 | मध्य प्रदेश | 67 | 57 | 3894 | 22456 | 26350 | |
| 16 | महाराष्ट्र | 14 | 7 | 7258 | 11530 | 18788 | |
| 17 | मणिपुर | 2 | 0 | 146 | 0 | 146 | |
| 18 | मेघालय | 5 | 5 | 0 | 462 | 462 | |
| 19 | मिजोरम | 3 | 1 | 148 | 55 | 203 | |
| 20 | नगालैंड | 1 | 0 | 61 | 3 | 64 | |
| 21 | ओडिशा | 44 | 23 | 4992 | 9521 | 14513 | |
| 22 | पुडुचेरी* | 1 | 1 | 0 | 83 | 83 | |
| 23 | पंजाब | 12 | 3 | 2055 | 2061 | 4116 | |
| 24 | राजस्थान | 45 | 30 | 4502 | 10138 | 14640 | |
| 25 | तमिलनाडु | 14 | 14 | 0 | 7225 | 7225 | |
| 26 | तेलंगाना | 36 | 0 | 5993 | 2731 | 8724 | |
| 27 | त्रिपुरा | 3 | 1 | 203 | 186 | 389 | |
| 28 | उत्तराखंड | 4 | 0 | 1614 | 0 | 1614 | |
| 29 | उत्तर प्रदेश | 218 | 74 | 34091 | 34998 | 69089 | |
| 30 | पश्चिम बंगाल | 5 | 5 | 0 | 106 | 106 | |
| योग | 755 | 410 | 90624 | 162497 | 253121 | ||
*पुडुचेरी ने विशेष रूप से योजना में शामिल होने का अनुरोध किया और तब से मई 2023 में एक विशेष पॉक्सो न्यायालय का संचालन किया है।
यह जानकारी विधि और न्याय (स्वतंत्र प्रभार) तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने आज राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में दी।
