राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का उचित दोहन करके युवाओं को रोजगार मुहैया कराने तथा राज्य की बेहतर आर्थिकी से संबंधित सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के ड्रीम प्रोजेक्ट पिरूल पावर प्लांट की स्थापना को लेकर पिरूल से विद्युत उत्पादन संबंधित नीति 2018 के अन्तर्गत गठित जिला स्तरीय नियोजन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी धीराज सिंह गब्र्याल ने संबंधित अधिकारियों को पिरूल पावर प्लांट की स्थापना को लेकर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने बैठक में विस्तृत चर्चा कर जनपद में चिन्हित स्थानों की जानकारी ली। जिस पर परियोजना अधिकारी उरेडा द्वारा बताया 10 किलोवाट के सलेकर 250 किलोवाट तक के पिरूल पाॅवर प्लांट के प्रस्ताव आवेदनों के आवेदित की जानी है। जनपद के पैठाणी, लैंसडोन, धूमाकोट और बैजरों को चार जोन में चिहिन्त किया गया है। प्लांट लगाने हेतु इच्छुक आवेदकों से आवेदन भी लिये जा रहे हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को येाजना का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना की जानकारी होनी चाहिए। वहीं परियोजना अधिकारी उरेडा ने बताया कि समूहों एवं वन पंचायतों के लिए पिरूल आधारित प्लांट लगाने हेतु उद्योग विभाग, लीड बैंक के तहत अनुदान पर ऋण दिये जाने का भी प्राविधान है। जिलाधिकारी ने परियोजना अधिकारी उरेडा को पिरूल आधारित पावर प्लांट लगाने हेतु लोगों को और अधिक जानकारी देने को कहा। साथ ही परियोजना अधिकारी उरेडा को आगामी 26 फरवरी को विकास भवन में आयोजित जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में इच्छुक लोगों को भी प्रतिभाग हेतु आमंत्रित करने के निर्देश दिये। इस मौके पर प्रभागीय वनाधिकारी लक्ष्मण सिंह रावत, परियोजना अधिकारी उरेडा आरके गुप्ता, अधिशासी अभियंता विद्युत अभिनव रावत, रेंज अधिकारी कोटद्वार आरपी पंत, प्रबंधक उद्योग केंद्र एचसी हटवाल आदि उपस्थित रहे। जिला सूचना अधिकारी पौड़ी गढ़वाल
