अब पोषण ट्रैकर एप के जरिए केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश में सीधे महिलाओं व बच्चों को दिए जाने वाले पोषाहार पर नजर रखी जा सकेगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से ऑनलाइन फिडिंग के आधार पर ही राशन का कोटा तय किया जाएगा। उसी हिसाब से ही आंगनबाड़ी केंद्रों में राशन की व्यवस्था की जाएगी। इससे सीधे तौर पर जितने राशन की जरूरत है, उतना ही बच्चों को दिया जाएगा।
लाभार्थियों की संख्या अधिक दिखाकर पोषाहार वितरण में होने वाले गोलमाल पर लगाम लगाने की केंद्र सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। एप के माध्यम से ही पोषाहार वितरण पर नजर रखी जाएगी। एप को सीधे केंद्र के सर्वर से जोड़ा गया है। एप पर सभी श्रेणी का पूरा विवरण उपलब्ध होगा।
बाल विकास मंत्रालय की ओर से तैयार कराया गया पोषण ट्रैकर एप की नई व्यवस्था आज से उत्तराखंड में लागू हो जाएगी। राज्य की एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इस एप को डाउनलोड कर इसमें महिलाओं व बच्चों को दिए जाने वाले पोषाहार की ऑनलाइन फीडिंग करेंगी।
