*प्राइवेट स्कूल माफियो ने शिक्षा के नाम पर मध्यम वर्गीय अभिभावकों को करोना काल मे खुला लूटा इं० डीपीएस रावत*
पूर्व लोकसभा पौड़ी प्रत्याशी। इं० डीपीएस ने कहा कि बीजेपी के राज मे करोना महामारी मे प्राइवेट स्कूलों ने फीस स्टक्चर का 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस के नाम पर बसूली कर रही हैं। और प्रदेश के शिक्षा मंत्री अभी भी कुम्भकरण की नींद मे सो है!
इं० डीपीएस रावत ने कहा कि अधिकतर प्राइवेट स्कूलों ने अपने सभी स्टाफ की सैलरी 50 प्रतिशत कम कर दी है जब्कि अभिभावकों से पूरी फीस बसूल रहे हैं!
मध्यमवर्गीय परिवार / अभिभावकों का सरकार से बड़ा सवाल है कि अभी तक हमारे बच्चों की फीस माफी को लेकर सरकार खामोश क्यो? राज्य मे फीस एक्ट पिछले 20 सालो मे लागू नही हो पाया। अन्य राज्यो मे जनता को राहत पर उत्तराखण्ड मे क्यो नही हुआ!
इं० डीपीएस रावत ने कहा कि अधिकतर स्कूल कॉलेज नेताओं के काळे धन से चल रहे हैं व संचालित भी है तभी उत्तराखण्ड की पिछले 20 की सरकार इस पर कोई निर्णय नही ले पा रही हैं। आज प्राइवेट स्कूल मनमानी फीस बसूल कर रही हैं जिससे आम जनता का बजट बिगड़ रहा है। करोना काल मे अधिकतर लोगों का रोजगार छिन चुका है पर सरकार अभी भी अनदेखा कर रही हैं। उत्तराखण्ड राज्य मे शिक्षा के नाम पर सरकार हर साल बजट तो देती हैं पर यह पूरा बजट भ्रष्टाचार की भेट चढ़ जाता हैं।
जिला उच्च शिक्षा अधिकारी से लेकर उत्तराखण्ड शिक्षा बोर्ड तक भ्रष्टाचार जड़े फैली है। अशासकीय विद्यालयों मे तो जनरल मैंनेजर सबसे बड़े घोटाले कर रहा है नियुक्तियों के नाम पर। आज प्रदेश की डोर समाल चुके मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भी प्रदेश सरकार मे शिक्षा मंत्री रह चुके हैं पर आजतक कोई बदलाव नहीं कर सके! और यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत शिक्षा के छेत्र मे क्या बदलाव करते है वयह आने वाला बक्त ही तय करेगा?
