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आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय

स्ट्रीट वेंडरों के लिए माइक्रो-क्रेडिट सुविधा उनके घर तक पहुंचाने के लिए पीएम स्वनिधि का मोबाइल ऐप जारी

अब तक विभिन्न राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों से वर्किंग कैपिटल लोन के लिए 1,54,000 से ज्यादा स्ट्रीट वेंडरों ने आवेदन किया, 48,000 से ज्यादा को पहले ही स्वीकृति

 PIB Delhi

श्री दुर्गा शंकर मिश्रा, सचिव, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने आज यहां पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) मोबाइल एप्लीकेशन जारी किया। इस ऐप का उद्देश्य, इस योजना के अंतर्गत स्ट्रीट वेंडरों के ऋण आवेदनों की सोर्सिंग और प्रोसेसिंग के लिए, ऋण प्रदाता संस्थानों (एलआई) और उनके फील्ड कार्यकर्ताओं को अनुकूल डिजिटल इंटरफेस प्रदान करना है। इस कार्यक्रम का आयोजन वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से किया गया, जिसमें मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा, शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिवों और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

 

प्रधानमंत्री स्वनिधि मोबाइल ऐप, डिजिटल प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है और यह ऋण प्रदाता संस्थानों (एलआई) के फील्ड कार्यकर्ताओं जैसे बैंकिंग अभिकर्ता (बीसी) और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी)/माइक्रो-फाइनेंस संस्थानों (एमएफआई) के एजेंटों को योजना का अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए सक्षम बनाएगा, जिनका स्ट्रीट वेंडरों के साथ निकट संपर्क रहता है। ऐसा माना जा रहा है कि मोबाइल ऐप जारी करने से, स्ट्रीट वेंडरों तक कागज-रहित माइक्रो-क्रेडिट सुविधाओं की डिजिटल पहुंच को बढ़ावा देने के अलावा, इस योजना की कार्यान्वयन रणनीति को भी गति मिलेगी।

 

मंत्रालय द्वारा वेब पोर्टल की शुरूआत 29 जून, 2020 को की गई। इस ऐप में, पीएम स्वनिधि के वेब पोर्टल के जैसी ही सभी सुविधाएं हैं, जिसे आसान पोर्टेबिलिटी की सुविधा के साथ जोड़ा गया है। इनके फीचरों में, सर्वेक्षण डेटा में वेंडरों की खोज, आवेदकों के लिए ई-केवाईसी, आवेदनों की प्रोसेसिंग और रियल टाइम मॉनेटरिंग शामिल है। एलआई और उनके फील्ड कार्यकर्ताओं द्वारा इस ऐप का उपयोग करने के लिए इसे गुगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। 02 जुलाई, 2020 को पीएम स्वनिधि के अंतर्गत ऋण प्रदान करने की प्रक्रिया की शुरूआत होने के बाद से, अबतक विभिन्न राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के 1,54,000 से ज्यादा स्ट्रीट वेंडरों द्वारा वर्किंग कैपिटल लोन के लिए आवेदन किया गया है और जिनमें से 48,000 से ज्यादा को पहले ही मंजूरी प्रदान की जा चुकी है।

 

स्ट्रीट वेंडरों को सस्ते वर्किंग कैपिटल लोन प्रदान करने के उद्देश्य से, प्रधानमंत्री स्वनिधि को आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा 01 जून, 2020 को जारी किया गया, जिससे कि कोविड-19 लॉकडाउन के कारण प्रतिकूल रूप से प्रभावित होने स्ट्रीट वेंडर अपनी आजीविका को फिर से शुरू कर सकें। इस योजना का लक्ष्य, 24 मार्च, 2020 को या उससे पहले बिक्री करने वाले 50 लाख से ज्यादा शहरी क्षेत्रों और उसके आसपास के शहरी/ग्रामीण इलाकों के स्ट्रीट वेंडरों को लाभ पहुंचाना है। इस योजना के अंतर्गत, वेंडर 10,000 रुपये तक का वर्किंग कैपिटल लोन प्राप्त कर सकते हैं, जो एक साल की अवधि में मासिक किस्तों में चुकाया जा सकता है। ऋण को समय पर/ जल्दी चुकाने पर, प्रति वर्ष 7 प्रतिशत की दर से ब्याज सब्सिडी, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में तीमाही आधार पर जमा किया जाएगा। ऋण की जल्द भुगतान पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। यह योजना 100 रुपये प्रतिमाह तक की राशि के कैश बैक प्रोत्साहन के साथ डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देती है। इसके अलावा, वेंडर ऋण की समय पर/ जल्द भुगतान पर ऋण की सीमा में बढ़ोत्तरी वाली सुविधा का लाभ उठाकर आर्थिक पायदान पर आगे बढ़ने की अपनी महत्वाकांक्षा की प्राप्ति कर सकते हैं।

 


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By udaen

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