
कोटद्वार। कण्वाश्रम में वन्यजीवों की देखरेख और उपचार के लिए प्रस्तावित बचाव एवं पुनर्वास केंद्र (रेस्क्यू एंड रिहैबिलेशन सेंटर) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शनिवार को प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव उत्तराखंड राजीव भरतरी ने रेस्क्यू सेंटर वाले स्थान का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था मंडी समिति अधिकारियों को सेंटर की डीपीआर तैयार कर भेजने के निर्देश दिए।
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सेंट्रल जू ऑथारिटी) की ओर से कोटद्वार से करीब 16 किमी दूर कण्वाश्रम में पर्वतीय क्षेत्रों में पकड़े गए वन्यजीवों की देखरेख और उपचार के लिए रेस्क्यू एंड रिहैबिलेशन सेंटर खोलने को मंजूरी मिली थी। सेंटर 25.257 एकड़ जमीन में बनना है।
इसी को लेकर शनिवार को प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव उत्तराखंड, वन अधिकारियों और मंडी समिति के अधिकारियों के साथ सेंटर के निर्माणाधीन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने इंजीनियरों को भवन निर्माण के दौरान स्थल के प्राकृतिक सौंदर्य से छेड़छाड़ न करने के भी निर्देश दिए।
डीपीआर मंजूर होते ही निर्माण शुरू होगा
डीपीआर मंजूर होते ही कार्यदायी संस्था मंडी समिति द्वारा रेस्क्यू सेंटर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
अखिलेश तिवारी, डीएफओ, लैंसडौन वन प्रभाग
