सीडीओ पौड़ी दीप्ति सिंह ने मनरेगा के तहत बनाए गए जलाशय में मछली के बीज छोड़कर *मतस्य बीज संचय* कार्यक्रम का शुभारंभ किया सीडीओ ने कहा कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए और लोगों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर रोजगार स्थापित करने में यह योजना कारगर होगी और स्थानीय स्तर पर अवैध मत्स्य आखेट से हुई क्षति को पूरित करने एवं मत्स्य पालन को बढ़ावा देना और स्वरोजगार को बढ़ावा देना ही योजना का उद्देश्य है। साथ ही इस योजना के तहत स्थानीय लोग पेयजल, सिंचाई एवं रोजगार के क्षेत्र में आत्म निर्भर बनेंगें।
साथ ही सी डी ओ ने बिभाग के अधिकारियों को मत्स्य विभाग के द्वारा जिले के ब्लाकों में बनाए गए चैकडैम का निरीक्षण कर मत्स्य बीज संचय करने की और सी डी ओ ने
बुधवार को ग्राम सभा जोशियाना में मनरेगा के तहत जल संचय एवं संरक्षण हेतु निर्मित चार चैकडैम (जलाशय) में मत्स्य विभाग के सहयोग से करीब 20 हजार मेजर एवं सिल्वर कार्प मत्स्य बीज छोड़े ।
मनरेगा के तहत जलाशय बनाकर लोगों को रोजगार से जोड़ने व आस-पास के क्षेत्र में पेयजल एवं सिंचाई की समस्या को दूर करना ही बिभाग के इस कार्यक्रम का उद्देश्य है।
