
केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा में आयोजित दीक्षांत समारोह में 36 राज्य वन सेवा अधिकारियों ने वन संपदाओं के संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा का संकल्प लिया। इनमें कर्नाटक, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित कई प्रदेशों के अधिकारी शामिल हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लागू लॉकडाउन के बीच पहली बार राज्य वन सेवा अकादमी में ऑनलाइन दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के विशेष सचिव एवं महानिदेशक संजय कुमार ने कहा कि वन संपदाओं और वन्यजीवों की रक्षा करना वनाधिकारी का पहला कर्तव्य है। देश-दुनिया में जिस तरह जलवायु परिवर्तन में बदलाव देखने को मिल रहा है, वन संपदाओं के साथ ही वन्यजीवों पर संकट मंडरा रहा है।
उसे देखते हुए वनाधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के स्वर्ण पदक समेत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले चुनिंदा अधिकारियों को पदक एवं प्रश्न पत्र देकर सम्मानित भी किया। समारोह में आईजीएनएफए के निदेशक ओंकार सिंह, भारतीय वन सर्वेक्षण के
महानिदेशक डॉ. सुभाष आशुतोष, भारतीय वन्यजीव संस्थान के निदेशक डॉ. धनंजय मोहन, केंद्रीय राज्य वन सेवा अकादमी के प्रधानाचार्य कुणाल सत्यार्थी, वन शिक्षा निदेशालय के निदेशक राजपाल सिंह, अपर महानिदेशक पंकज अग्रवाल समेत कई आला अधिकारी शामिल हुए।
10 महिला अधिकारियों ने भी लिया संकल्प
ऑनलाइन दीक्षांत समारोह में 10 महिला अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। साथ ही कर्नाटक के 13, ओडिशा के 20, मध्य प्रदेश का एक, छत्तीसगढ़ के दो अधिकारियों ने वनों की रक्षा का संकल्प लिया।
कर्नाटक के चंद्रशेखर गौड़ा सी पाटिल को मिला स्वर्ण पदक
दीक्षांत समारोह के दौरान कर्नाटक के चंद्रशेखर गौड़ा सी पाटिल को केंद्रीय वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। चंद्रशेखर गौड़ा सी पाटिल को अति व्यावहारिक वन विद और ऑलराउंडर प्रशिक्षणार्थी अधिकारी, वन प्रबंधन एवं कार्य योजना में कार्यकुशलता के लिए रजत पदक से भी सम्मानित किया गया।
ओडिशा कैडर की विश्वल चीचीलीची व प्रभु दत्ता हिमांशु मिश्रा को पारिस्थितिकी में कार्यकुशलता के लिए रजत पदक, कर्नाटक के चरण जी एस को मृदा संरक्षण एवं भू प्रबंधन में आरसी कौशिक पुरस्कार, ओडिशा के प्रभु दत्ता हिमांशु मिश्रा को इंजीनियरिंग एवं सर्वेक्षण में कार्यकुशलता के लिए केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा संगठन पुरस्कार व कर्नाटक के चरण जी एस को वन सुरक्षा तथा जनजातीय कल्याण के लिए पी श्रीनिवास पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
सड़क मार्ग से भेजे जाएंगे 73 आईएफएस अफसर
इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी में प्रशिक्षण पूरा करने वाले 2018-20 बैच के 73 आईएफएस अफसरों को उनके राज्यों को भेजे जाने का रास्ता साफ हो गया है। एकेडमी के एडिशनल डायरेक्टर एसके अवस्थी ने बताया कि वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और डीओपीटी की ओर से अनुमति मिलने के बाद अब उत्तर भारत के राज्यों के अफसरों को सड़क मार्ग से भेजने की तैयारी है। जबकि दक्षिण के अफसरों को दिल्ली से कार्गो से भेज जाएगा।
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