Author: udaen

उत्तराखंड :लैंसडाउन के विधायक दिलीप सिंह रावत ने दी प्रतिक्रिया

उत्तराखंड :लैंसडाउन के विधायक दिलीप सिंह रावत ने दी प्रतिक्रिया उत्तराखंड के पौड़ी जिले के लैंसडाउन विधानसभा के विधायक दिलीप…

भारत इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के क्षेत्र में विश्व के लिए प्रमुख विश्वसनीय मूल्य श्रृंखला और आपूर्ति श्रृंखला भागीदार के रूप में उभरेगा: श्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री

केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने विशाखापत्तनम में गूगल क्लाउड इंडिया एआई हब के शिलान्यास समारोह में भाग लिया विशाखापत्तनम…

ण आयुक्तालय ने 397.23 करोड़ रुपये मूल्य के फर्जी चालानों के माध्यम से लगभग 60.59 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के धोखाधड़ीपूर्ण लाभ का पता लगाया; एक गिरफ्तार

सीजीएसटी दिल्ली दक्षिण आयुक्तालय ने 397.23 करोड़ रुपये मूल्य के फर्जी चालानों के माध्यम से लगभग 60.59 करोड़ रुपये के…

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गुजरात के भरूच जिले में एक रासायनिक कारखाने में हुए कथित विस्फोट और आग की घटना का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें 16 श्रमिक घायल हो गए

गुजरात के मुख्य सचिव और भरूच के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया और दो सप्ताह के भीतर इस मामले…

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने 21 राज्यों और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र-दिल्ली को लू से प्रभावित होने वाले लोगों के जीवन की रक्षा के लिए पहले से ही कार्रवाई करने को कहा है

आयोग ने अपर्याप्त आश्रय और संसाधनों के अभाव के कारण लू की चपेट में आने से आर्थिक रूप से कमजोर…

कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग द्वारा श्रीनगर में 5 मई को एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन

कार्यालय जिला सूचना अधिकारी, पौड़ी गढ़वाल आईटीआई श्रीनगर में लगेगा रोजगार मेला, ऑटोमोबाइल सेक्टर की बड़ी कंपनियां लेंगी हिस्सा सूचना/पौड़ी/28…

भारत के अंतर्देशीय जलमार्गों के जरिये एक यात्रा

भारत के अंतर्देशीय जलमार्गों के जरिये एक यात्रा PIB Delhi मुख्य बिंदु भारत में 111 राष्ट्रीय जलमार्गों का एक विस्तृत नेटवर्क है, जिसकी कुल लंबाई 20,187 किमी है और यह 23 राज्यों तथा चार केंद्र शासित प्रदेशों में फैला हुआ है। इनमें से इस समय 32 राष्ट्रीय जलमार्ग संचालन में हैं।केंद्रीय बजट 2026–27 में अगले 5 वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों (एनडबल्यूएस) को संचालन में लाने की घोषणा की गई है।वित्त वर्ष 2024–25 में राष्ट्रीय जलमार्गों पर माल परिवहन 145.84 मिलियन मीट्रिक टन के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच गया है। परिचय भारत के पास नदियों, नहरों, बैकवॉटर और खाड़ियों के रूप में अंतर्देशीय जलमार्गों का एक व्यापक नेटवर्क है। ये मार्ग माल परिवहन के लिए किफायती और पर्यावरण के अनुकूल साधन प्रदान करते हैं, क्योंकि इनमें ईंधन की खपत कम होती है और उत्सर्जन भी कम होता है। साथ ही, इन्हें न्यूनतम भूमि की आवश्यकता होती है और ये भारी एवं बड़े आकार वाले कार्गो को सुरक्षित रूप से ढो सकते हैं और संचालन में उच्च सुरक्षा मानकों का पालन करते हैं। भारत में अंतर्देशीय जलमार्ग व्यस्त सड़कों और रेलमार्गों पर दबाव कम करने में भी मदद करते हैं तथा रोल-ऑन/रोल-ऑफ (रो-रो) फेरी के माध्यम से वाहन परिवहन और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं। यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करता है, रखरखाव लागत कम रखता है और उन उद्योगों व उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो एक विश्वसनीय जलमार्ग नेटवर्क पर निर्भर हैं। इस क्षमता को ध्यान में रखते हुए, केंद्रीय बजट 2026–27 में अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों को संचालन में लाने की घोषणा की गई है। साथ ही, कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य सड़क और रेल से जल परिवहन की ओर माल ढुलाई को स्थानांतरित करना है। इस नीति का लक्ष्य 2047 तक अंतर्देशीय जलमार्गों और तटीय शिपिंग की संयुक्त हिस्सेदारी को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करना है। इसी दिशा में, ओडिशा में राष्ट्रीय जलमार्ग-5 (एनडबल्यू-5) को विकसित किया जाएगा, जो तालचर और अंगुल जैसे खनिज-समृद्ध क्षेत्रों को कलिंगनगर जैसे औद्योगिक केंद्रों और पारादीप तथा धामरा बंदरगाहों से जोड़ेगा। एनडबल्यू-5 के मार्ग पर क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को कौशल विकास के अवसर मिलेंगे। इसके अतिरिक्त, वाराणसी और पटना में अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए एक समर्पित जहाज मरम्मत इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। भारत में अंतर्देशीय जलमार्ग और उसके नेटवर्क का विवरण अंतर्देशीय जलमार्ग की समझ अंतर्देशीय जलमार्ग वे नौवहन योग्य जल मार्ग होते हैं, जो किसी देश के भीतर स्थित होते हैं और समुद्र का हिस्सा नहीं होते। इनमें नदियां, नहरें, झीलें, लैगून और कुछ नदी मुहाने शामिल हैं। ये मार्ग प्राकृतिक या मानव-निर्मित विशेषताओं के कारण नौवहन के लिए उपयुक्त होते हैं और सामान्य परिस्थितियों में कम से कम 50 टन भार वहन करने वाले जहाजों के संचालन की अनुमति देते हैं। किसी नदी या झील को नौवहन योग्य तब माना जाता है, जब उसका उपयोग वाणिज्यिक परिवहन के लिए किया जा सके। ये मार्ग प्राकृतिक रूप से उपयुक्त हो सकते हैं या नहरों और अन्य सुधारों के माध्यम से विकसित किए जा सकते हैं। कुछ समुद्री प्रकृति के जलमार्ग और वे मार्ग, जिनका उपयोग मुख्यतः समुद्री जहाजों द्वारा किया जाता है, वे भी अंतर्देशीय जलमार्गों में शामिल किए जा सकते हैं। नदियों और नहरों की लंबाई मध्य प्रवाह (मिड-चैनल) के साथ मापी जाती है, जबकि झीलों और लैगून की लंबाई उस सबसे छोटे नौवहन योग्य मार्ग के आधार पर मापी जाती है, जिसका उपयोग परिवहन के लिए किया जाता है। नदी मुहानों को अंतर्देशीय जलमार्ग तब तक माना जाता है, जब तक समुद्र के निकटतम बिंदु पर नदी की चौड़ाई निम्न ज्वार  पर तीन किमी से कम और उच्च ज्वार पर पांच  किमी से कम हो।…

भारत और न्यूजीलैंड ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए

भारत और न्यूजीलैंड ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए PIB Delhi यह समझौता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के…

डाक विभाग और डीटीडीसी ने देश भर में लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

डाक विभाग और डीटीडीसी ने देश भर में लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर…

एनवीस्टेट्स इंडिया: पर्यावरण सांख्यिकी संबंधी अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न, 2026

हितधारकों की क्षमता बढ़ाने और पर्यावरणीय निर्णय प्रक्रिया सुदृढ़ बनाने हेतु संरचित विषयगत ज्ञान संसाधन PIB Delhi सांख्यिकी और कार्यक्रम…

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन आमंत्रित

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन आमंत्रित नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है नामांकन…