देवभूमि के इस पर्वत पर मिली संजीवनी बूटी! पानी में डालते ही होता है अद्भुत बदलाव
सार
- वन अनुसंधान शाखा के वैज्ञानियों ने किया बूटी खोजने का दावा
- रसायनिक गुणों की जांच को तथाकथित बूटी को भेजा एनबीआरआई
विस्तार
उत्तराखंड के चमोली जिले में द्रोणगिरी पर्वत पर सजीवन बूटी पाए जाने के दावों के बाद अब वन अनुसंधान शाखा के वनस्पति वैज्ञानियों ने पिथौरागढ़ के जौलजीवी क्षेत्र में संजीवनी बूटी खोज निकालने का दावा किया है।
वन अनुसंधान शाखा के वनस्पति वैज्ञानियों के दावों की पुष्टि के लिए इस बूटी को लखनऊ स्थित नेशनल बाटेनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी एनबीआरआई भेजा जा रहा है। ताकि इसके रसायनिक गुणों की जांच कर इस बात की जानकारी हासिल की जा सके, कि खोजी गई जड़ी बूटी संजीवनी बूटी है या नही?
संजीवनी बूटी की खोज का दावा कर रहे वैज्ञानियों का मानना है कि पिथौरागढ़ के जौलजीवी क्षेत्र में खोजी गई जड़ी बूटी चमोली क्षेत्र के द्रोणगिरी पर्वत पर पायी जाने वाली जड़ी बूटी से हुबहू मेल खाती है। बहरहाल विज्ञानियों द्वारा खोजी गई संजीवनी बूटी को वन अनुसंधान शाखा की हल्द्वानी स्थित नर्सरी में संरक्षित रखा जा रहा है।
