
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक एपल का सैटेलाइट प्रोजेक्ट फिलहाल शुरुआती दौर में है और इसे लेकर काफी निजता बरती जा रही है। दूसरे शब्दों में कहें तो यह एपल का एक सीक्रेट प्रोजेक्ट है। एपल की इस सैटेलाइट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके यूजर्स एक-दूसरे के साथ बिना डाटा केबल हाई-स्पीड में डाटा शेयर कर सकेंगे। ऐसे में एपल को डाटा शेयरिंग के लिए किसी थर्ड पार्टी नेटवर्क पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा।
कहा जा रहा है कि एपल ने सैटेलाइट इंडस्ट्री के कई महारथियों को इस प्रोजेक्ट में लगाया है जिसमें स्काईबॉक्स इमेजिंग पूर्व छात्र माइकल ट्रेला और जॉन फेनविक भी शामिल हैं और यही लोग टीम को लीड कर रहे हैं। बता दें कि इन दोनों ने इससे पहले गूगल के सैटेलाइट और स्पेसक्राफ्ट टीम को लीड कर चुके हैं।
इन दोनों के अलावा एपल की सैटेलाइट टेक्नोलॉजी टीम में पूर्व एयरोस्पेस कॉर्पोरेशन के कार्यकारी एशले मूर विलियम्स, साथ ही वायरलेस नेटवर्किंग और सामग्री-वितरण नेटवर्क उद्योगों के प्रमुख कर्मचारी शामिल हैं। एपल की इस टेक्नोलॉजी का मकसद अंतरिक्ष से सीधे तौर पर डाटा नेटवर्क उपलब्ध कराना है। हालांकि एपल ने इस रिपोर्ट पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
