शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी सोनिका
नई टिहरी 18 दिसंबर 2018 समग्र शिक्षा अभियान परियोजना समिति की बैठक जिलाधिकारी सोनिका की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बता दें कि वित्तीय वर्ष 201819 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा समग्र शिक्षा अभियान योजना चलायी गयी है। जो प्रीनर्सरी लेकर कक्षा12 वी तक के लिए है। समग्र शिक्षा अभियान में सर्व शिक्षा अभियान (जो कक्षा01 से कक्षा08 तक के लिए था) एवं राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान(रमसा जो कक्षा09 से कक्षा 10 तक के लिए था) का एकीकरण किया गया है। साथ ही इसमें प्रीनर्सरी को भी शामिल किया गया है। ताकि प्रीनर्सरी से कक्षा12 तक शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशासनिक सुधार, स्कूलों को सुदृढ़ करना, खेल गतिविधियों एवं शारिरिक शिक्षा आदि का तीव्र गति से विकास सुनिश्चित हो सके। बैठक में जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक एसपी सेमवाल द्वारा वर्ष 201819 हेतु विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के लिए स्वीकृत बजट एवं अवमुक्त बजट के विवरण के साथ ही प्रगति विवरण प्रस्तुत किया गया। बैठक में निर्माण कार्यो की समीक्षा के दौरान विकासखण्ड प्रतापनगर के ओखलाखाल इण्टर कालेज भवन निर्माण के तुरन्त बाद ही कक्षाकक्षों के फर्श के उखड जाने सम्बन्धी मामलें पर जिलाधिकारी ने डीईओ माध्यमिक को निर्देश दिये कि हैण्डओवर करने वाली ऐजेन्सी एवं हैण्डओवर लेने वाले अधिकारी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराया जाय। नागराजधार, गराकोट के लिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के अन्तर्गत धनराशि स्वीकृत हुई थी, किन्तु जिला योजना के अन्तर्गत भी धनराशि स्वीकृत करा ली गयी। जिस वजह से रमसा के अन्तर्गत अवमुक्त धनराशि को वापस लौटाना पडा। जिस पर जिलाधिकारी ने एक ही परियोजनाओं के लिए दो योजनाओं से धनराशि स्वीकृत कराये जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की तथा रमसा के अन्तर्गत अवमुक्त धनराशि के सदुपयोग न होने पर सम्बन्धित अधिकारी से स्पष्टीकरण लिये जाने के निर्देश डीईओ माध्यमिक को दिये। उन्होने स्पष्ट कहा कि अगर रमसा के अन्तर्गत अवमुक्त धनराशि का सदुपयोग सम्बन्धित कार्यो के लिए होता तो जिला योजना की धनराशि से अन्य कार्य करवाये जा सकते थे। जिलाधिकारी ने मध्याह्न भोजन योजना (जो कक्षा01 से कक्षा08 तक के छात्रछात्राओं के लिए है) की समीक्षा के दौरान जिला शिक्षाधिकारी बेसिक को निर्देश दिये कि ऐसे शिक्षक जो विद्यालय में उपस्थित छात्र संख्या एवं मध्याह्न भोजन लेने वाले छात्रछात्राओं का विवरण एसएमएस के माध्यम से डीपीओ (डीईओ बेसिक) को नहीं भेज रहें हैं, ऐसे शिक्षकों का वेतन रोकने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। जिलाधिकारी ने डीईओ माध्यमिक को निर्देश दिये कि राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के अन्तर्गत कक्षा09 से कक्षा12वीं तक के छात्रछात्राओं के भ्रमण कार्यक्रम का रोस्टर तैयार कर छात्रछात्राओं को टिहरी डैम का भ्रमण कराया जाय। बालिकाओं के लिए आत्म रक्षा कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि जो बालिकाएं आत्म रक्षा के गुर सीख चुकी हैं उन्ही बालिकाओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार कर विद्यालय की अन्य बालिकाओं को प्रशिक्षण दिलवाया जाय। इससे जहां बालिकाओं में आत्म विश्वास विकसित होगा वहीं बजट की कमी के कारण प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावित नहीं होंगे। बैठक में समिति के सदस्य मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ भागीरथी जंगपांगी, मुख्य शिक्षाधिकारी दिनेश चन्द्र गौड़, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक एसपी सेमवाल व बेसिक सुदर्शन सिंह बिष्ट, एसीएमओ डाॅ दीपा रूबाली, ब्लाॅक प्रमुख चम्बा आन्नदी नेगी, जिला पंचायत सदस्य बबीता चैहान, अजीम प्रेमजी फाउण्डेशन से प्रमोद पैन्यूली, ईई लोनिव नवीन लाल वर्मा, प्रधानाचार्य सुनील दत्त भट्ट व अर्चना उनियाल, प्रवक्ता मिनाक्षी त्यागी, पूर्ति निरीक्षण मनोज बत्र्वाल, एई आरडब्लयूडी जीआर उनियाल सहित विभिन्न सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
