तापमान लगातार कम होने से दिसंबर के पहले ही पखवाड़े में काफी बर्फबारी
इस बार बरसात देर तक रही, जिससे तापमान कम रहा। उसके बाद अक्तूबर और नवंबर माह में दो बार बारिश के कारण भूमि में काफी नमी थी, जिससे तापमान लगातार कम होने से दिसंबर के पहले ही पखवाड़े में काफी बर्फबारी हुई है।
मौसम पर ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव ही है कि 15 दिसंबर से पहले इतनी भारी बर्फबारी हुई है। करीब 34 साल बाद ऐसा मौका आया है कि पौष माह आने से पहले ही मार्गशीष में इतनी भारी बर्फबारी देखने को मिली है।
