श्री कैलाश चौधरी ने कृषि और वानिकी पर 5वीं आसियान-भारत मंत्री-स्तरीय बैठक में लिया भाग
श्री कैलाश चौधरी, केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री ने आज ब्रुनेई दारुस्सलाम में आयोजित ‘कृषि और वानिकी पर 5वीं आसियान-भारत मंत्री-स्तरीय बैठक’ में भाग लिया।

श्री चौधरी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग सुनिश्चित करके आसियान क्षेत्रों में कल्याण और जीवन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के सिद्धांत और उद्देश्यों के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के अनुकूल वातावरण में किफायती मूल्य पर खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के मुख्य उद्देश्य से कृषि और खाद्य सुरक्षा भारत सरकार के प्राथमिक मुद्दों में से एक है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि कृषि विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है क्योंकि देश की अधिकांश आबादी अभी भी अपनी आजीविका के लिए इस पर निर्भर है। इस दिशा में भारत ने लगभग 35 जैव विविधता वाली फसलें विकसित की हैं जो विटामिन, लोहा, जस्ता आदि से भरपूर हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत ने पिछले दशकों के दौरान हरित क्रांति और श्वेत क्रांति के माध्यम से खाद्य और दूध उत्पादन में आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया है। श्री चौधरी ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नेतृत्व में राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली की भूमिका को भी रेखांकित किया।
उन्होंने वर्ष 2022 तक किसान की आय को दोगुना करने के माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य को पूरा करने पर जोर दिया। श्री चौधरी ने देश में कृषि और कृषि प्रौद्योगिकियों में की गई विभिन्न प्रगति के ऊपर भी प्रकाश डाला।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने पारस्परिक रूप से वर्ष 2020 के लिए चार प्राथमिक परियोजनाओं, अर्थात जलवायु-स्मार्ट कृषि, कृषि उत्पादन में रोबोटिक्स और ड्रोन का तथा खाद्य प्रसंस्करण में विद्युत चुम्बकीय तरंगों का अनुप्रयोग, फलों और सब्जियों के लिए कटाई-उपरांत प्रौद्योगिकी का संवर्धन और फसलों, पशुधन और जलीय कृषि के लिए ट्रांस-बाउंड्री रोग और स्वास्थ्य प्रबंधन के विकास और कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया।
(स्रोत: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली)
