राज्य में लगातार बढ़ रही बिजली चोरियों (Electricity Theft) को रोकने के लिए अब उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन (UPCL) ने नया तरीका निकाला है. गांधीगिरी (Gandhigiri) से प्रेरित हो कर कॉर्पोरेशन ने भी बिजली चोरी को रोकने के लिए ऊर्जागिरी (Urjagiri) की शुरुआत की है. इसके तहत अब कॉर्पोरेशन के कर्मचारी जनता के बीच जा कर बिजली चोरी न करने को लेकर प्रचार-प्रसार के साथ ही जागरूकता अभियान चलाएंगे. यही नहीं बिजली चोरी संबंधित सूचना विभाग को देने वाले को 50,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा और उसकी पहचान भी गुप्त रखी जाएगी. यूपीसीएल का लक्ष्य ऊर्जा गिरी से लाइन लॉस को 13% तक कम करने का है.
अच्छी शुरुआत
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सीएम आवास स्थित जनता मिलन हॉल में ऊर्जा गिरी अभियान का शुभारम्भ किया. उन्होंने कहा कि जन जागरूकता के लिए इस अभियान के रूप में एक अच्छी शुरूआत हुई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद राज्य में एटीएण्डसी लॉसेस 52.98 प्रतिशत से घटकर 16.52 के स्तर लाए गए हैं और डिस्ट्रीब्यूशन लॉसेस 29.52 प्रतिशत से घटकर 14.32 पर लाए गए हैं जो संतोषजनक है. उन्होंने इसे 13 प्रतिशत तक लाए जाने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने विद्युत चोरी पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिये यूपीसीएल विजिलेंस सेल को मजबूत करने के भी निर्देश दिए. यूपीसीएल में मुख्य अभियन्ता से अवर अभियन्ता तक सभी को विद्युत संयोजनों की मासिक चेकिंग के लक्ष्य निर्धारित किये जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही. उन्होंने राज्य की आवश्यकता के अनुरूप बाजार से महंगी बिजली खरीद कर राज्य की जनता तथा उद्योगों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के प्रयासों की भी सराहना की.
