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Blog single photoप्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस्लामी आतंकवाद से मिलकर लड़ने का संकल्प व्यक्त किया है। मोदी ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को जायज ठहराया तथा पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक युद्ध छेड़ने का समय आ गया है। ट्रम्प ने दो टूक शब्दों में कहा कि ‘अमेरिका और भारत दोनों इस्लामी आतंकवाद के मिलकर लड़ रहे हैं।’
ट्रम्प ने जब  ‘इस्लामी  आतंकवाद’ शब्द का प्रयोग किया तो हयूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में मौजूद 50 हजार अधिक भारतीयों ने भारी हर्षध्वनि की। मोदी ने ट्रम्प और अमेरिकी नेताओं को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का औचित्य बताया तथा राज्य में अशांति फैलाने के मंसूबे के लिए पाकिस्तान को लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत राष्ट्रपति ट्रम्प को अपना विश्वस्त सहयोगी मानता है।
अमेरिका के टेक्सास राज्य की ऊर्जा नगरी ह्युस्टन में रविवार को आयोजित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में  50 हजार के अधिक प्रवासी भारतीयों को सम्बोधित करते हुए नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने बहुत-सी अनुचित और बेकार चीजों को अलविदा कह दिया है। उन्होंने कहा,’जरूरतमंद नागरिकों के लिए वेलफेयर स्कीम चलाने के साथ-साथ नए भारत के निर्माण के लिए कुछ चीजों को फेयरवेल भी दिया जा रहा है। देश के सामने 70 साल से एक और बड़ी चुनौती थी जिसे कुछ दिन पहले भारत ने फेयरवेल दे दिया है।’ अपनी चिर-परिचित शैली में उन्होंने जनसमुदाय से पूछा, ‘आप समझ गए।’ प्रवासी भारतीयों की हर्षध्वनि और नारेबाजी के बीच उन्होंने कहा, ‘मैं अनुच्छेद 370 को अलविदा कहने का जिक्र कर रहा हूं। यह अनुच्छेद राज्य में अलगाववाद और आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा था।’ उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को विकास से और समान अधिकारों से वंचित रखा था। इस स्थिति का लाभ आतंकवाद और अलगाववाद बढ़ाने वाली ताकतें उठा रहीं थीं।
मोदी ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाकर सरकार ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख के दलितों, बच्चों और महिलाओं को अधिकारसंपन्न बनाया है। अब भारत के संविधान ने जो अधिकार बाकी भारतीयों को दिए हैं, वही अधिकार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को मिल गए हैं। वहां की महिलाओं-बच्चों-दलितों के साथ हो रहा भेदभाव खत्म हो गया है। पाकिस्तान और वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान का नाम लिए बिना उन्होंने कहा,’जिन लोगों से अपना देश नहीं संभल रहा, वह अनुच्छेद 370 हटाए जाने से दिक्कत महसूस कर रहे हैं। इन लोगों ने भारत के खिलाफ नफरत को अपनी राजनीति का आधार बना रखा है। वे जम्मू-कश्मीर में अशांति पैदा करना और आतंकवाद फैलाना चाहते हैं।’
मोदी ने पाकिस्तान के नेताओं पर आतंकवाद को पालने-पोसने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज इस हकीकत को पूरी दुनिया पहचानती है। न्यूयॉर्क के ट्विन टावर और मुंबई में हुए आतंकी हमलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सबको पता है कि इस हमलों के साजिशकर्ता किस देश में पनाह लिए हुए थे। उन्होंने आतंकवाद को शह देने वाले देशों के खिलाफ निर्णायक युद्ध छेड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत का मानना है कि राष्ट्रपति ट्रम्प भी आतंकवाद के खिलाफ मुहिम चलाने में विश्वास  रखते हैं। मोदी ने कहा,’अब समय आ गया है कि आतंकवाद के खिलाफ और आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाए। मैं यहां पर जोर देकर कहना चाहूंगा कि इस लड़ाई में प्रेसिडेंट ट्रम्प पूरी मजबूती के साथ आतंक के खिलाफ खड़े हुए हैं।’ उन्होंने जनसमुदाय से आग्रह किया कि वह आतंकवाद से लड़ने का संकल्प रखने वाले ट्रम्प के सम्मान में अपने स्थान पर खड़े होकर उनका अभिवादन करें। मोदी ने भारत की विकास यात्रा के बारे में कहा, ‘भारत में बहुत कुछ हो रहा है। बहुत कुछ बदल रहा है और बहुत कुछ करने के इरादे लेकर हम चल रहे हैं। हमने नई चुनौतियों का सामना करने की, उन्हें पूरा करने की एक जिद ठान रखी है।’ मोदी ने अपनी इस भावना को स्वरचित कविता की कुछ पंक्तियों से व्यक्त किया- ‘वह जो मुश्किलों का अम्बार है, वही तो मेरे हौंसले की मीनार है।’
उन्होंने कहा, ‘भारत आज चुनौतियों को टाल नहीं रहा, उनसे टकरा रहा है।’ प्रधानमंत्री ने ‘हाउडी’ ( आपका हालचाल कैसा है) का उत्तर भारत की दस भाषाओं में दिया। उन्होंने पंजाबी में कहा, सब चंगा सी, बंगाली में कहा, सब खूब भालो और हिंदी में कहा, भारत में सब अच्छा है। मोदी ने कहा कि हमारे लिबरल और लोकतांत्रिक समाज की बहुत बड़ी पहचान हैं हमारी विविध भाषाएं। सदियों से हमारे देश में दर्जनों भाषाएं, सैकड़ों बोलियां, सहअस्तित्व की भावना के साथ आगे बढ़ रही हैं और आज भी करोड़ों लोगों की मातृभाषा बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ भाषा ही नहीं,हमारे देश में अलग-अलग पंथ, दर्जनों संप्रदाय,सैकड़ों तरह का अलग-अलग क्षेत्रीय खान-पान, अलग-अलग वेशभूषा,अलग-अलग मौसम-ऋतु चक्र इस धरती को अद्भुत बनाते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विविधता में एकता, यही हमारी धरोहर है, यही हमारी विशेषता है। भारत की यही विविधता हमारे जीवंत लोकतंत्र का आधार है। यही हमारी शक्ति है, यही हमारी प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि भारत में कुछ लोग ऐसा निराशावादी रवैया अपनाते हैं कि देश में कुछ बदल ही नहीं सकता। लेकिन हमने असंभव को संभव कर दिखाया है। इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का ब्योरा दिया। प्रधानमंत्री ने इंटरनेट डाटा को नया सोना बतात्ते हुए कहा कि यह नए युग में विकास का मुख्य आधार है। उन्होंने कहा कि दुनिया में सबसे सस्ता डाटा भारत में है।

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By udaen

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