बिना अतिरिक्त पूंजीगत निवेश के श्रमिकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के मॉडल को उत्तर प्रदेश में लागू करने की संभावनाएं तलाशेगी टीम

देहरादून। उत्तराखंड की मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (CMSSY) दूसरे राज्यों के लिए भी अध्ययन का विषय बन रही है। उत्तर प्रदेश श्रम विभाग के अपर श्रम आयुक्त जुनैद के नेतृत्व में पहुंची टीम ने उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्था और क्रियान्वयन मॉडल की जानकारी प्राप्त की।
बैठक में उत्तराखंड के श्रमायुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का ने उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित इस योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके पात्र आश्रितों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराना, गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करना और जरूरत के अनुसार चिकित्सा परामर्श एवं उपचार के लिए रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
बिना पूंजीगत निवेश के 60 हजार श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच
श्रमायुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का के अनुसार, उपलब्ध व्यवस्थाओं और संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत अब तक लगभग 60,000 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि अतिरिक्त पूंजीगत निवेश के बिना इतनी बड़ी संख्या में श्रमिकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना तकनीकी नवाचार, बेहतर प्रबंधन और विभागीय समन्वय का उदाहरण है।
गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान पर जोर
योजना का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य परीक्षण तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से श्रमिकों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, संभावित गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करने और जरूरतमंद श्रमिकों को आवश्यक चिकित्सा सहायता से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।
बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश की टीम ने योजना की तकनीकी संरचना, श्रमिकों के पंजीकरण एवं सत्यापन, स्वास्थ्य जांच शिविरों के संचालन, जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने, गंभीर बीमारियों की पहचान और संबंधित विभागों के बीच समन्वय की प्रक्रिया को समझा।
उत्तर प्रदेश में भी लागू हो सकता है मॉडल
उत्तर प्रदेश से आए अधिकारियों ने योजना के व्यावहारिक क्रियान्वयन का अध्ययन करते हुए अपने राज्य में इसी तरह की व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की।
यह दौरा दोनों राज्यों के बीच श्रमिक कल्याण योजनाओं के अनुभव साझा करने और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के उप श्रम आयुक्त विपिन कुमार, वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ दुर्गा चमोली सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
