जिलाधिकारी रंजना राजगुरू की अध्यक्षता में जिला कार्यालय में अभियोजन कार्यो की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।
जिलाधिकारी रंजना राजगुरू की अध्यक्षता में जिला कार्यालय में अभियोजन कार्यो की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। समीक्षा बैठक में साक्षियों के मा0 न्यायालयों में उपस्थिति के संबन्ध में तथा साक्षियों के पक्षद्रोही होने के कारणो की समीक्षा हुई। बैठक मंे जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग व अभियोजन विभाग को निर्देषित करते हुए कहा कि माननीय न्यायालय में अभियोजित वादों में सबसे पुराने वादों में गवाहो को परीक्षित कराने हेतु सम्मन तामीली समयवद्ध कराते हुए साक्षियों को अधिक से अधिक माननीय न्यायालयों के समक्ष परीक्षित कराया जाय, तथा माननीय न्यायालयों में विचाराधीन मामलों में सफल अभियोजन पैरवी करते हुए सजा का प्रतिषत बढाया जाय ताकि माननीय न्यायालयों में लंबित पुराने मामलों का निस्तारण षीघ्र हो सकें। बैठक में जिलाधिकारी ने महिला अपराधों को रोकने के लिए निर्देष दिये तथा जिन महिलाओं के साथ कोई अपराध होता है तो संबन्धित के विरूद्ध कडी कार्रवाई करना सुनिष्चित करें इसके लिए उन्होंने महिला अपराध की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाते हुए लोगो को कानूनी जानकारी उपलब्ध करायी जाय। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक महेष जोषी, प्रभारी ज्येश्ठ अभियोजन अधिकारी ललित मोहन आर्या, विषेश लोक अभियोजक(पॅाक्सों) खड़क सिंह कार्की, सहायक जिला षासकीय अधिवक्ता चंचल सिंह पपोला, नामिका अधिवक्ता गोविन्द बल्लभ उपाध्याय, पवन कुमार लाहुमी, मोहम्मद मोईन आदि उपस्थित थें।
