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स्कूलों में कम्प्यूटर, लेकिन इंटरनेट नहीं: UDISE+ रिपोर्ट ने खोली उत्तराखंड की सरकारी शिक्षा व्यवस्था की परतें

देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों को डिजिटल बनाने के दावों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की UDISE+ 2025-26 रिपोर्ट ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था की कई गंभीर कमियों को उजागर किया है। रिपोर्ट बताती है कि अनेक विद्यालयों में कम्प्यूटर तो उपलब्ध हैं, लेकिन इंटरनेट, बिजली, पर्याप्त शिक्षक और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। (UDISE+)

रिपोर्ट के प्रमुख तथ्य

रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 4,419 स्कूलों में कम्प्यूटर उपलब्ध हैं, लेकिन वहाँ इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है। ऐसे में डिजिटल शिक्षा और स्मार्ट क्लास जैसे दावों पर सवाल उठ रहे हैं। (UDISE+)

इसके अलावा:

  • 1,938 विद्यालयों में कम्प्यूटर होने के बावजूद उनका नियमित शैक्षणिक उपयोग नहीं हो रहा।
  • 362 विद्यालयों में बिजली की सुविधा नहीं है।
  • 2,655 विद्यालय केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं।
  • 542 विद्यालयों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय उपलब्ध नहीं हैं।
  • लगभग 15 प्रतिशत विद्यालयों में खेल मैदान नहीं है।
  • कई सरकारी विद्यालयों में छात्र नामांकन लगातार घट रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ी है। (UDISE+)

डिजिटल शिक्षा की राह में सबसे बड़ी बाधा

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कम्प्यूटर उपलब्ध करा देना पर्याप्त नहीं है। यदि इंटरनेट, बिजली, प्रशिक्षित शिक्षक और तकनीकी सहायता नहीं होगी तो डिजिटल शिक्षा का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता। कम्प्यूटर प्रयोग में न आने से सरकारी निवेश का अपेक्षित लाभ भी छात्रों तक नहीं पहुँचता।

एकल शिक्षक विद्यालय बड़ी चुनौती

रिपोर्ट का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू 2,655 एकल शिक्षक विद्यालय हैं। ऐसे स्कूलों में एक ही शिक्षक को पढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्य, रिकॉर्ड संधारण और अन्य जिम्मेदारियाँ भी निभानी पड़ती हैं। इससे शिक्षण की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है। (UDISE+)

छात्राओं की सुविधाओं पर भी सवाल

रिपोर्ट में 542 विद्यालयों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय नहीं होने का उल्लेख है। वहीं 15 प्रतिशत विद्यालयों में खेल मैदान का अभाव विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए चुनौती माना जा रहा है। (UDISE+)

सरकार के सामने प्रमुख सवाल

  • जिन स्कूलों में कम्प्यूटर हैं, वहाँ इंटरनेट सुविधा कब उपलब्ध होगी?
  • जिन विद्यालयों में बिजली नहीं है, वहाँ डिजिटल शिक्षा कैसे संचालित होगी?
  • एकल शिक्षक विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति कब होगी?
  • छात्राओं के लिए शौचालय और खेल मैदान जैसी मूलभूत सुविधाएँ कब तक सुनिश्चित की जाएँगी?
  • डिजिटल शिक्षा पर हुए खर्च की प्रभावशीलता का मूल्यांकन कब होगा?

निष्कर्ष

UDISE+ रिपोर्ट सरकार द्वारा संकलित आधिकारिक शैक्षिक आँकड़ों पर आधारित दस्तावेज़ है। यह केवल कमियों को रेखांकित नहीं करती, बल्कि उन क्षेत्रों की पहचान भी करती है जहाँ तत्काल सुधार की आवश्यकता है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ इंटरनेट, बिजली, शिक्षक और आधारभूत सुविधाओं को समान प्राथमिकता दिए बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य हासिल करना कठिन होगा। (UDISE+)


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By udaen

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