उत्तराखंड: जौनपुर का ऐतिहासिक मौण मेला संपन्न
उत्तराखंड के टिहरी जिले के जौनपुर का ऐतिहासिक मौण मेला आज भी अपनी सदियों पुरानी विरासत को संजोए हुए है। करीब 160 साल से चली आ रही इस अनूठी परंपरा में हजारों ग्रामीण अगलाड़ नदी में उतरकर पारंपरिक तरीके से मछली पकड़ते हैं।
SHABD,Dehradun, June 28,
उत्तराखंड: जौनपुर का ऐतिहासिक मौण मेला संपन्न
एंकर–
उत्तराखंड के टिहरी जिले के जौनपुर का ऐतिहासिक मौण मेला आज भी अपनी सदियों पुरानी विरासत को संजोए हुए है। करीब 160 साल से चली आ रही इस अनूठी परंपरा में हजारों ग्रामीण अगलाड़ नदी में उतरकर पारंपरिक तरीके से मछली पकड़ते हैं। ढोल-दमाऊ की थाप, लोकगीत और सामूहिक सहभागिता इस मेले को खास बनाती है। अगलाड़ नदी के तट पर आज आयोजित इस मेले में मसूरी सहित आसपास के 114 से अधिक गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस मौके पर ग्रामीणों ने टिमरू की छाल से तैयार प्राकृतिक औषधीय पाउडर, जिसे स्थानीय भाषा में मौण कहा जाता है, अगलाड़ नदी में प्रवाहित किया। इसके बाद ग्रामीणों ने पारंपरिक उपकरणों और हाथों से मछली पकड़ने की परम्परा निभाई। स्थानीय लोगों के मुताबिकयह केवल मछली पकड़ने का आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, लोक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का सबसे बड़ा पर्व है।
बाइट3 –ग्रामीण
