विपक्षी इंडी गठबंधन की बैठक जारी, कई दिग्गज नेता शामिल
विपक्षी इंडी गठबंधन के नेताओं की आज दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बैठक जारी है। बैठक में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं सहित कई विपक्षी दलों के प्रमुख शामिल हुए हैं।
SHABD,New Delhi, June 8,
जून 08, नई दिल्ली:
साझा रणनीति बनाने के लिए विपक्षी इंडी गठबंधन के नेताओं की आज दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बैठक जारी है। इस बैठक में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं सहित कई विपक्षी दलों के प्रमुख शामिल हुए हैं। कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी, सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बैठक में मौजूद हैं। इनके साथ ही समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, एनसीपी (शरद पवार) की सुप्रिया सुले और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती जैसे प्रमुख नेता हिस्सा ले रहे हैं।
वहीं कांग्रेस की ओर से केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, नासिर हुसैन के साथ सपा समर्थित सांसद कपिल सिब्बल और टीएमसी के डेरेक ओ’ब्रायन भी बैठक में मौजूद हैं। जबकि आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की जगह तेजस्वी यादव गठबंधन का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। सीपीआई के महासचिव डी. राजा भी बैठक में शामिल हैं। हालांकि, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे दिल्ली में उपस्थित नहीं हैं, लेकिन गठबंधन के नेताओं के अनुसार, ये दोनों नेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े हैं और विचार-विमर्श का हिस्सा बने हुए हैं।
कांग्रेस ने इस बैठक को लेकर एक बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। पार्टी के अनुसार, इस बैठक में केवल उन्हीं दलों को आमंत्रित किया गया है जिनका प्रतिनिधित्व संसद में है। यानी, जिन पार्टियों के संसद में शून्य सांसद हैं, उन्हें इस महत्वपूर्ण चर्चा से दूर रखा गया है। हालांकि, गठबंधन के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं दिख रहा है। विपक्ष की एकजुटता पर अभी से सवाल उठने लगे हैं। दिल्ली में हो रही इस बैठक से कई प्रमुख सहयोगी दलों ने दूरी बना ली है, जिनमें आम आदमी पार्टी, डीएमके प्रमुख हैं।
इसके अलावा, विजय की पार्टी TVK ने भी इस बैठक से किनारा कर लिया है। बैठक से पहले ही विपक्षी खेमे में कांग्रेस की कार्यशैली को लेकर असंतोष के संकेत मिल रहे हैं। CPI-M ने भी कांग्रेस के रवैये पर अपनी नाराजगी जाहिर की है, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से भी असहमति के सुर सुनाई दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इंडी गठबंधन के सामने एनडीए को चुनौती देने से पहले अपने आंतरिक कलह और समन्वय की कमी को दूर करना सबसे बड़ी चुनौती है।

फोटो- इंडी गठबंधन की बैठक के दौरान नेता

