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फल व सब्जियों में कीटनाशक अवशेषों के प्रयोग को लेकर सरकार सख्त हो गई है। प्रदेश भर में फल–सब्जियों के सैम्पल लेकर प्रयोगशाला जांच की जा रही है, वहीं कृषि एवं उद्यान विभाग को भी किसानों को कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

 SHABD,Dehradun, April 29,

29 अप्रैल 2026, देहरादून:

फल व सब्जियों में कीटनाशक अवशेषों के प्रयोग को लेकर सरकार सख्त हो गई है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने जहां एक और प्रदेश भर में फल – सब्जियों के सैम्पल लेकर प्रयोगशाला जांच की पहल शुरु की है, वहीं कृषि एवं उद्यान विभाग को भी किसानों को कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने को कहा है।

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त सचिन कुर्वे की ओर से सचिव कृषि एवं उद्यान को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा समय-समय पर चलाए गए सर्विलांस अभियानों में खाद्य पदार्थों में कीटनाशकों के अवशेष पाए जाने की पुष्टि हुई है। पत्र में बताया गया कि कृषि क्षेत्र में कीटनाशकों के अवैज्ञानिक उपयोग के कारण फल, सब्जियां तथा अन्य खाद्य पदार्थों में अवशेष तय मानकों से अधिक मिल रहे हैं, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। इसलिए इस विषय पर किसानों के बीच जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही फल सब्जी विक्रेताओं और स्थानीय मंडियों के व्यापारियों को भी इस बारे में जागरुक किए जाने की आवश्यकता है।

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के उपायुक्त (मुख्यालय) गणेश कंडवाल ने बताया कि आयुक्त के दिशा निर्देशों के क्रम मे विभाग ने प्रदेश भर में फलों के सैम्पल लेकर, प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं। अब तक प्रदेश भर से आम, केला,  पपीता, तरबूज जैसे फलों के 95 सैम्पल लिए जा चुके हैं और यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में इस समय चारधाम यात्रा चल रही है, साथ ही पयर्टन सीजन भी शुरु हो चुका है। इसलिए जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, खाद्य पदार्थों में मिलावट और हानिकारक रसायनों के इस्तेमाल पर सख्ती करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दिशा में सभी विभागों को मिलकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।


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By udaen

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