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सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों और स्वच्छता कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरणों के साथ सीवर लाइनों की मशीनीकृत सफाई पर जोर देने वाली एनएचआरसी की सलाह के बावजूद ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति पर चिंता व्यक्त की

नूंह नगर आयुक्त और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी

रिपोर्ट में जांच की स्थिति, घायलों के स्वास्थ्य और उनके साथ-साथ मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की उम्मीद है

प्रविष्टि तिथि: 24 APR 2026 3:00PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें कहा गया है कि 15 अप्रैल, 2026 को हरियाणा के नूह जिले के फिरोजपुर झिरका क्षेत्र के अंबेडकर चौक पर सीवर लाइन की सफाई के दौरान जहरीली गैस के कारण दो सफाई कर्मचारियों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। बताया जाता है कि राज्य सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) द्वारा नियुक्त ठेकेदार ने बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीवर लाइन की सफाई के लिए तीन कर्मचारियों को तैनात किया था।

आयोग ने पाया है कि यदि समाचार रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है, तो इससे पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के मामले सामने आते हैं। इसलिए, आयोग ने नूह नगर आयुक्त और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। रिपोर्ट में जांच की स्थिति, घायलों की स्थिति और उन्हें तथा मृतक श्रमिकों के परिजनों को दिए जाने वाले मुआवजे का विवरण शामिल होना चाहिए।

नोटिस जारी करते हुए आयोग ने यह भी कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों और सफाई कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरणों के साथ सीवर लाइनों/मैनहोल की मशीनीकृत सफाई पर जोर देने वाली उसकी विशिष्ट सलाह के बावजूद, देश भर में ऐसी घटनाएं अक्सर हो रही हैं।

16 अप्रैल, 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार , तीन श्रमिकों में से एक सबसे पहले सीवर लाइन में उतरा और बेहोश हो गया। उसकी मदद करने के लिए जब अन्य लोग सीवर में उतरे तो वे भी बेहोश हो गए। उन्हें बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनमें से दो को मृत घोषित कर दिया।


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By udaen

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