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प्रदेश में आगामी 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी

प्रदेश में आगामी 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग चारधाम यात्रा 2026 के लिए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मॉडल के रूप में तैयार कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि देहरादून, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में 57 स्क्रीनिंग कियोस्क स्थापित किए गए हैं, जहां हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और शुगर जैसी बीमारियों की जांच कर यात्रियों को समय रहते सलाह दी जा रही है। यात्रा के सबसे कठिन पड़ावों केदारनाथ और बद्रीनाथ में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। केदारनाथ में 17 बेड का अस्पताल संचालित हो रहा है, जबकि बद्रीनाथ में 50 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल जून तक शुरू होने जा रहा है, जिससे गंभीर मरीजों को तत्काल इलाज मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर 25 विशेषज्ञ डॉक्टर, 178 मेडिकल अधिकारी और 414 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात किए गए हैं। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त स्टॉफ भी रोस्टर के आधार पर जोड़ा जाएगा। इसके अलावा दून और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में मेडिकल स्टॉफ को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही होटल, धर्मशाला संचालकों और खच्चर चालकों को भी आपात स्थितियों और हाई रिस्क संकेतों के प्रति जागरूक किया गया है, ताकि समय रहते मदद मिल सके।

 SHABD,Dehradun, April 14,

प्रदेश में आगामी 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग चारधाम यात्रा 2026 के लिए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मॉडल के रूप में तैयार कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि देहरादून, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में 57 स्क्रीनिंग कियोस्क स्थापित किए गए हैं, जहां हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और शुगर जैसी बीमारियों की जांच कर यात्रियों को समय रहते सलाह दी जा रही है। यात्रा के सबसे कठिन पड़ावों केदारनाथ और बद्रीनाथ में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। केदारनाथ में 17 बेड का अस्पताल संचालित हो रहा है, जबकि बद्रीनाथ में 50 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल जून तक शुरू होने जा रहा है, जिससे गंभीर मरीजों को तत्काल इलाज मिल सकेगा।

उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर 25 विशेषज्ञ डॉक्टर, 178 मेडिकल अधिकारी और 414 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात किए गए हैं। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त स्टॉफ भी रोस्टर के आधार पर जोड़ा जाएगा। इसके अलावा दून और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में मेडिकल स्टॉफ को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही होटल, धर्मशाला संचालकों और खच्चर चालकों को भी आपात स्थितियों और हाई रिस्क संकेतों के प्रति जागरूक किया गया है, ताकि समय रहते मदद मिल सके।


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By udaen

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