उत्तराखंड: उत्तरकाशी जिला में पिरुल आधारित बिजली परियोजना से स्वरोजगार को मिल रहा बढ़ावा
उत्तरकाशी जिले में स्वरोजगार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम पहल सामने आई है।
SHABD,Dehradun, March 29,
उत्तराखंड:
उत्तरकाशी जिला में पिरुल आधारित बिजली परियोजना से स्वरोजगार को मिल रहा बढ़ावा
उत्तरकाशी जिले में स्वरोजगार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम पहल सामने आई है। डुण्डा विकासखण्ड के चकोन क्षेत्र में 25 किलोवाट क्षमता की पिरुल आधारित विद्युत परियोजना स्थापित की गई है। इस प्लांट से उत्पादित बिजली को 7 रुपये 54 पैसे प्रति यूनिट की दर से यूपीसीएल को उपलब्ध कराया जा रहा है। पिरुल, जो पहले वनों के लिए खतरा और बेकार समझा जाता था, अब ग्रामीणों के लिए आय का मजबूत साधन बनकर उभर रहा है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य एवं मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने चकोन क्षेत्र में स्थापित इस पिरुल आधारित विद्युत परियोजना का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्लांट में चीड़ की पत्तियों (पिरुल) से तैयार किए जा रहे ब्रिकेट और पैलेट (ईंधन) की गुणवत्ता को बारीकी से परखा। जिलाधिकारी ने बताया कि पिरुल से बने उत्पादों का व्यावसायिक उपयोग तेजी से बढ़ाया जा रहा है। आगामी चारधाम यात्रा के दौरान यह स्थानीय होटल और ढाबा संचालकों के लिए किफायती और उपयोगी ईंधन विकल्प साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि एलपीजी गैस की तुलना में पिरुल ब्रिकेट और पैलेट सस्ते होने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। इससे जंगलों में आग की घटनाओं में कमी लाने में भी मदद मिल सकती है।
बाइट- प्रशांत आर्य, जिलाधिकारी उत्तरकाशी
