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‘शक्ति सदन योजना’ का उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में फंसी महिलाओं के लिए एक सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण तैयार करना है

PIB Delhi

व्यापक ‘मिशन शक्ति’ के तहत, पूर्व की ‘स्वाधार गृह’ – कठिन परिस्थितियों में फंसी महिलाओं के लिए आश्रय, और ‘उज्ज्वला’ – तस्करी से बचाई गई महिलाओं के लिए आश्रय – नाम की   योजनाओं को 01.04.2022 से आपस में मिला दिया गया है। अब इन्हें ‘शक्ति सदन योजना’ के नाम से जाना जाता है। यह तस्करी की शिकार महिलाओं सहित कठिन परिस्थितियों में फंसी महिलाओं के लिए एक एकीकृत राहत एवं पुनर्वास केन्द्र है। इसका उद्देश्य ऐसी कठिन परिस्थितियों में फंसी महिलाओं के लिए एक सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण तैयार करना है, ताकि वे विपरीत परिस्थितियों का सामना कर सकें और उनसे उबर सकें। ‘शक्ति सदन’ कठिनाई में फंसी महिलाओं को सहारा देने में मददगार है। यह तस्करी की शिकार महिलाओं सहित ऐसी महिलाओं को आश्रय और पुनर्वास संबंधी सहायता प्रदान करता है।

‘शक्ति सदन योजना’ एक मांग-आधारित केन्द्र प्रायोजित योजना है। इसके तहत इस योजना को लागू करने के लिए राज्यों/केन्द्र-शासित प्रदेशों को फंड जारी किया जाता है। राज्य/ केन्द्र-शासित प्रदेश अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अपनी आवश्यकताओं का आकलन करते हैं और हर वर्ष राज्यों/ केन्द्र-शासित प्रदेशों के साथ चर्चा के बाद प्रोग्राम अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) द्वारा प्रस्तावों को मंजूरी दी जाती है। इस योजना के तहत, किराए के परिसर में शक्ति सदन के संचालन हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। वर्तमान में, देश भर में 419 शक्ति सदन कार्यरत हैं और वित्तीय वर्ष 2025-26 (01.04.2025 से 31.12.2025) के दौरान लगभग 19,960 महिलाओं का पुनर्वास किया गया है।

मंत्रालय, राज्यों/केन्द्र-शासित प्रदेशों के साथ प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल बैठकों, मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा स्थल के दौरों और समय-समय पर डिजिटल माध्यम से योजना के कार्यान्वयन की प्रगति की लगातार निगरानी करता है। इसके अलावा, शक्ति सदनों की निगरानी के उद्देश्य से, इस मंत्रालय ने एक समर्पित ‘मिशन शक्ति डैशबोर्ड’ विकसित किया है। इस डैशबोर्ड में तैनात कर्मचारियों, लाभार्थियों, स्थान के विवरण (अक्षांश एवं देशांतर), भौतिक बुनियादी ढांचे, व्यावसायिक प्रशिक्षण, आईसीटी से संबंधित बुनियादी ढांचे, आयोजित गतिविधियों, लाभार्थियों को प्रदान की गई सुविधाओं आदि जैसे विवरण दर्ज किए जाते हैं।

यह जानकारी महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।


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By udaen

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