कोटद्वार में क्रांतिकारी पत्रकार की 75वीं जयंती मनाई गई, कोटद्वार विकास के लिए जारी हुआ दृष्टि-पत्र
कोटद्वार, 12 मार्च 2026।
क्रांतिकारी पत्रकार और अमर लोकतंत्र सेनानी की 75वीं जयंती के अवसर पर के बैनर तले कोटद्वार में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उनके कृतित्व और व्यक्तित्व को याद करते हुए वक्ताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और जनपक्षीय पत्रकारिता में उनके योगदान को रेखांकित किया।

वक्ताओं ने कहा कि नरेन्द्र उनियाल उन पत्रकारों में थे जिनके लिए पत्रकारिता केवल खबर लिखने का माध्यम नहीं थी, बल्कि समाज के संघर्षों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का दायित्व थी। उन्होंने अपने साहस और प्रतिबद्धता से जनपक्षीय पत्रकारिता की मजबूत परंपरा स्थापित की।

उनके संपादन में प्रकाशित समाचार पत्र अपने समय में निर्भीक और जनपक्षीय पत्रकारिता का प्रतीक बन गया था। इस अखबार के माध्यम से पहाड़ के सामाजिक-आर्थिक सवाल, आम जनता की पीड़ा और क्षेत्रीय असमानताओं के मुद्दे प्रभावी ढंग से सामने लाए जाते थे। वक्ताओं ने बताया कि उनकी निर्भीक पत्रकारिता के कारण के दौरान वे सरकार की नीतियों के विरोध में 19 माह तक जेल में भी रहे।
कोटद्वार विकास के लिए जारी हुआ दृष्टि-पत्र
कार्यक्रम के दौरान कोटद्वार के समग्र विकास के लिए एक दृष्टि-पत्र भी जारी किया गया। इस दृष्टि-पत्र में कोटद्वार के विकास में आई बाधाओं के लिए राज्य में समय-समय पर बनी सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कई ठोस सुझाव प्रस्तुत किए गए।

कार्यक्रम संयोजक नागेंद्र उनियाल ने बताया कि कोटद्वार में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को श्रीनगर गढ़वाल के अंतर्गत स्थापित किया जा सकता है। इसके अलावा कंडी रोड के लगभग 11 किलोमीटर हिस्से को वन विभाग से लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित किए जाने की मांग भी उठाई गई, जिससे सड़क निर्माण और क्षेत्रीय संपर्क में सुधार हो सके,उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति ही पर्याप्त है।
सत्य प्रकाश थपलियाल की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में महेन्द्र सिंह रावत, वरिष्ठ पत्रकार सूरज कुकरेती, डॉ शक्ति शैल कपरवाण, शिव प्रकाश कुकरेती, राजीव गौड़, मुजीब नैथानी, चित्रमणी देवलियाल, विकास आर्य आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर उत्तराखंड राज्य आंदोलन से जुड़े कई आंदोलनकारियों को सम्मानित भी किया गया। सम्मानित होने वालों में महेन्द्र सिंह रावत, भगवती प्रसाद कंडवाल, अशोक कंडारी, पंकज डबराल, पंकज उनियाल, प्रकाश बमराड़ा, संजू कश्यप, अभिमन्यु सिंह रावत, विजय पाल सिंह, विनोद अग्रवाल, राजीव गौड़, राजेन्द्र सिंह नेगी, दलबीर सिंह, हरीश बहुखंडी, इकरामुद्दीन, रमेश चन्द्र और दिनेश धूलिया शामिल रहे।
कार्यक्रम का संचालन सुभाष चंद्र नौटियाल ने किया।
