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उत्तराखण्ड कैबिनेट के अहम फैसले: स्वास्थ्यकर्मियों को राहत, उद्योग-शिक्षा-रक्षा पर बड़ा फोकस

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तराखण्ड के प्रशासनिक, औद्योगिक, शिक्षा, जनजातीय कल्याण और पर्यावरणीय संतुलन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

कैबिनेट ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं/स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों को बड़ी राहत देते हुए यह फैसला किया कि जिन्होंने अपने मूल संवर्ग में न्यूनतम 05 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी कर ली है, उन्हें पूरे सेवाकाल में एक बार आपसी सहमति (Mutual Understanding) के आधार पर जनपद परिवर्तन की अनुमति दी जाएगी।

भूमि नीति में बड़ा बदलाव

राज्य में लघु, मध्यम और वृहद परियोजनाओं के लिए आपसी समझौते के आधार पर भूमि प्राप्ति की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई। इससे भूमि अर्जन अधिनियम 2013 के तहत लगने वाले लंबे समय और मुकदमेबाजी में कमी आएगी तथा जनहित परियोजनाओं की लागत घटेगी।

प्राग फार्म भूमि पर सख्त शर्तें

ऊधमसिंहनगर स्थित 1354.14 एकड़ प्राग फार्म भूमि को औद्योगिक आस्थान के रूप में विकसित करने हेतु सिडकुल को हस्तांतरित किया जाएगा, लेकिन:

  • भूमि को किसी व्यक्ति/संस्था को बेचने या ट्रांसफर की अनुमति नहीं होगी
  • 03 वर्ष में उपयोग अनिवार्य, अन्यथा आवंटन स्वतः निरस्त
  • समान प्रयोजन हेतु सब-लीज की अनुमति राजस्व विभाग की सहमति से दी जाएगी

जनजाति कल्याण ढांचे का पुनर्गठन

देहरादून, चमोली, ऊधमसिंहनगर और पिथौरागढ़ में जनजाति कल्याण विभाग के ढांचे को मजबूत करने हेतु पदों का पुनर्गठन किया गया। इसके लिए उत्तराखण्ड जनजाति कल्याण राजपत्रित अधिकारी सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025 को स्वीकृति दी गई।

भू-जल संरक्षण के लिए नई दरें

औद्योगिक इकाइयों, होटल, अपार्टमेंट, स्वीमिंग पूल, वाहन धुलाई केंद्र जैसे व्यवसायिक उपयोगों के लिए भू-जल दोहन पर क्षेत्रवार जल प्रभार दरें लागू होंगी।
साथ ही वाणिज्यिक, औद्योगिक व रेजिडेंशियल ग्रुप हाउसिंग के लिए ₹5000 पंजीकरण शुल्क तय किया गया।

शिक्षा हब की दिशा में कदम

देहरादून में जी.आर.डी. उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के रूप में एक नया निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिससे राज्य को शिक्षा हब बनाने की दिशा में गति मिलेगी।

सामरिक और नागरिक उड़ानों को बढ़ावा

उत्तरकाशी की चिन्यालीसौड़ और चमोली की गौचर हवाई पट्टी को नागरिक व सैन्य संचालन हेतु एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (ALG) के रूप में रक्षा मंत्रालय को लीज पर देने की मंजूरी दी गई।

हरित ऊर्जा की ओर उत्तराखण्ड

राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 को लागू करने को कैबिनेट की मंजूरी मिली।

यह कैबिनेट बैठक संकेत देती है कि उत्तराखण्ड सरकार अब नीति, पर्यावरण और विकास के संतुलन की ओर बढ़ रही है। स्वास्थ्य कर्मियों को दी गई प्रशासनिक राहत, भूमि नीति में व्यावहारिकता, भू-जल संरक्षण पर सख्ती और हरित हाइड्रोजन जैसी पहल—ये सभी निर्णय बताते हैं कि सरकार अल्पकालिक राजनीति से आगे जाकर दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधार की दिशा में कदम रख रही है।
हालांकि, इन नीतियों की सफलता क्रियान्वयन की ईमानदारी और निगरानी पर निर्भर करेगी।


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By udaen

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