लीड स्टोरी | राज्य ब्यूरो UNN
धामी कैबिनेट के 19 बड़े फैसले: गन्ना किसानों से लेकर UCC, पर्यटन, न्याय और रोजगार तक अहम निर्णय
देहरादून। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का सीधा असर किसानों, कर्मचारियों, युवाओं, न्याय व्यवस्था, पर्यटन, संस्कृति और पर्यावरण पर पड़ेगा। बैठक के बाद सचिव मुख्यमंत्री ने मीडिया को कैबिनेट के निर्णयों की विस्तृत जानकारी दी।
कैबिनेट ने पेरेई सत्र 2025–26 के लिए सहकारी व सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों को ₹270.28 करोड़ की शासकीय गारंटी देने का फैसला किया है, जिससे गन्ना किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा। साथ ही गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य अग्रेणी प्रजाति के लिए ₹405 प्रति कुंतल और सामान्य प्रजाति के लिए ₹395 प्रति कुंतल तय किया गया है।
सरकार ने उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी करने वालों को प्रथम चरण में समान कार्य के लिए समान वेतन से संबंधित लाभ देने का रास्ता साफ किया है। वहीं, NDPS, POCSO, PMLA और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण हेतु देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में 16 विशेष न्यायालयों की स्थापना और 144 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में दून विश्वविद्यालय में सेंटर ऑफ हिंदू स्टडीज की स्थापना के लिए 6 पदों के सृजन को हरी झंडी दी गई है। साथ ही उत्तराखंड संस्कृत अकादमी का नाम बदलकर उत्तराखंड संस्कृत संस्थान करने का निर्णय लिया गया है।
पर्यटन को लेकर कैबिनेट ने पर्यटन, यात्रा व्यवसाय, होम-स्टे एवं बेड एंड ब्रेकफास्ट पंजीकरण नियमावली–2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत अब होम-स्टे योजना का लाभ केवल राज्य के स्थायी निवासी ही ले सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
न्यायिक और प्रशासनिक सुधारों के तहत उत्तराखंड दस्तावेजों की सूची प्रारूप नियमावली–2025, समान नागरिक संहिता (UCC) संशोधन अध्यादेश–2025 तथा खनन से जुड़ी अधिसूचना में आवश्यक संशोधन को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा खेल महाकुंभ में पुरस्कार राशि बढ़ाने और ब्रिडकुल के कार्यक्षेत्र का विस्तार करने जैसे फैसले भी लिए गए।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनोखी पहल करते हुए कैबिनेट ने श्री केदारनाथ धाम में खच्चरों के गोबर और चीड़ की पत्तियों से बायोमास ईंधन पेललेट तैयार करने के एक वर्षीय पायलट प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी है।
कुल मिलाकर, धामी सरकार के ये फैसले राज्य में आर्थिक मजबूती, सामाजिक संतुलन, तेज न्याय, स्थानीय रोजगार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक साथ आगे बढ़ने का संकेत देते हैं।
