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राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल)


“भारत की सहकारी शक्ति को विश्व बाज़ारों तक ले जाने की मुहिम”

प्रविष्टि तिथि: 26 SEP 2025 10:15AM by PIB Delhi

मुख्य बिंदु
अगस्त 2025 तक कुल 11,034 सहकारी समितियों को एनसीईएल द्वारा सदस्यता प्रदान की गई हैअगस्त 2025 तक, एनसीईएल ने चावल, ताजा लाल प्याज, चीनी, शिशु आहार, प्रसंस्कृत भोजन, मसाले और चाय सहित 5,403.01 करोड़ रुपये मूल्य की 13.49 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) से अधिक कृषि वस्तुओं का निर्यात किया है।एनसीईएल ने 2024-25 के लिए 4,283 करोड़ रुपये के कारोबार के साथ 122 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हासिल किया।एनसीईएल ने विश्व स्तर पर 28 देशों में कृषि वस्तुओं के निर्यात का विस्तार किया है

परिचय

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नेशनल को-ऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड, निर्यात के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय स्तर की बहु-राज्य सहकारी समिति है। यह एक विस्तृत निकाय है, जो विदेशी बाजारों में भारत के संपूर्ण सहकारी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है।

एनसीईएल को केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया था और औपचारिक रूप से 25 जनवरी 2023 को बहु-राज्य सहकारी सोसायटी अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत किया गया था।

(बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 उन सहकारी समितियों को नियंत्रित करता है, जो एक से अधिक राज्यों में संचालित होती हैं। यह सदस्यों को स्वेच्छा से सहकारी समितियां बनाने की अनुमति देता है और यह सुनिश्चित करता है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से कार्य करें। अधिनियम स्वयं सहायता, पारस्परिक सहायता और सदस्यों के आर्थिक और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देता है। यह सहकारी समितियों को कार्यात्मक स्वायत्तता भी प्रदान करता है और संबंधित मामलों को संबोधित करता है।)

एनसीईएल को 5 अग्रणी सहकारी समितियोंइंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर को-ऑपरेटिव लिमिटेड (इफको)कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको), नेशनल एग्रीकल्चरल को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नैफेड), गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ-अमूल) और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) द्वारा प्रवर्तित किया गया है। इसकी प्रारंभिक चुकता पूंजी 500 करोड़ रुपये है, जिसमें पांच प्रवर्तकों में से प्रत्येक का योगदान 100 करोड़ रुपये है और अधिकृत शेयर पूंजी 2,000 करोड़ रुपये है। सहकारी उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़कर, एनसीईएल “मेक इन इंडिया” की विचारधारा का समर्थन करता है, बाजार संबंधों को मजबूत करता है, और सहकारी क्षेत्र में अधिक रोजगार के अवसर पैदा करता है।

  • 2023-24 के दौरान, एनसीईएल ने अपने सदस्य सहकारी समितियों को 20% लाभांश का भुगतान किया। ये उपलब्धियाँ भारत के सहकारी आंदोलन को वैश्विक ताकत में बदलने की एनसीईएल की क्षमता को दर्शाती हैं।
  • एनसीईएल ने सेनेगलइंडोनेशिया और नेपाल के 61 आयातकों के साथ रणनीतिक समझौतों (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए हैं।

एनसीईएल के उद्देश्य और प्रमुख लक्ष्य

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प्रमुख लक्ष्य:

  • सहकारी निर्यात के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करना और राज्य और केंद्रशासित प्रदेश स्तर के निकायों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करना।
  • हितधारकों को वैश्विक बाजारों से जोड़ना और मूल्य संवर्धन, भंडारण, पैकेजिंग और परिवहन के ज़रिए ग्रामीण रोजगार पैदा करना।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेंचमार्क कीमतों पर कृषि और संबद्ध वस्तुओं के निर्यात को बढ़ावा देना।
  • सहकारी समितियों के लिए बाजार अनुसंधानपरामर्श, प्रशिक्षण, प्रमाणन सहायता, रसद और बुनियादी ढांचा प्रदान करना।
  • सहकारी उत्पादों की वैश्विक स्थिति को मजबूत करने के लिए जानकारी का आधार बनाना और ब्रांडिंग, लेबलिंग और पैकेजिंग को बढ़ाना।

एनसीईएल की पहुंच और बाजार में मौजूदगी का विस्तार करने की रणनीतियाँ

निर्यात लक्ष्यों को पूरा करने के लिए, एनसीईएल बाज़ार में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए कई रणनीतियाँ अपना रहा है।

  • राज्य नोडल एजेंसियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए और पैक्स के साथ जुड़ने के लिए व्यावसायिक योजनाएं तैयार कीं।
  • किसानों और सहकारी समितियों को निर्यात हेतु तैयार करने के लिए एक कमोडिटी सेमिनार श्रृंखला शुरू की गई, जिसका पहला आयोजन जुलाई 2025 में मध्य प्रदेश में हुआ।
  • कमोडिटी-विशिष्ट रणनीतियों को डिजाइन करने के लिए नोडल एजेंसियों, रजिस्ट्रार सहकारी सोसायटी कार्यालयों और अन्य हितधारकों के साथ संपूर्ण सरकार’ दृष्टिकोण अपनाया गया।
  • सोशल मीडिया, मार्केटिंग टूल और जागरूकता अभियानों के ज़रिए ब्रांडिंग और डिजिटल आउटरीच को मजबूत किया गया।
  • विशेष रूप से पैक्स से सदस्यता बढ़ाने के लिए एक बीपीओ (बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग) आउटरीच कार्यक्रम शुरू किया गया।
  • नुक्कड़ नाटक कार्यक्रमों और वेबसाइट और व्हाट्सएप के माध्यम से साझा किए गए 10 भाषाओं में एक बहुभाषी डिजिटल न्यूज़लेटर के माध्यम से जुड़ाव बढ़ाया।

नेशनल को-ऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (एनसीईएल) ने सहकारी-आधारित कृषि निर्यात को मजबूत करने के लिए सितंबर 2025 में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, गुणवत्ता अनुपालन, बुनियादी ढांचे का समर्थन और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों में भागीदारी शामिल होगी। यह अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग, बाजार स्थिति, डेटा-संचालित बाजार बुद्धिमत्ता और कमोडिटी-विशिष्ट निर्यात रणनीतियों पर भी ध्यान केंद्रित करेगा।

एनसीईएल के लिए भविष्य की दिशाएँ

केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने एनसीईएल से सहकारी चीनी मिलों से चीनीत्रिपुरा के सुगंधित चावल, जैविक कपास और मोटे अनाज के निर्यात के नए अवसर तलाशने की अपील की है। उन्होंने खाड़ी देशों में ताजी सब्जियों और विशेष आलू की किस्मों के निर्यात के लिए बड़ी कंपनियों के साथ साझेदारी की संभावना पर भी प्रकाश डाला।

एनसीईएल के लिए 2 लाख करोड़ रुपए के निर्यात का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। श्री शाह ने निर्देश दिया कि सभी सहकारी संस्थानों का निर्यात एनसीईएल के माध्यम से किया जाना चाहिए ताकि करीब 20,000-30,000 करोड़ रुपए का कारोबार और शुद्ध लाभ सहकारी समितियों में वापस आ सके।

उन्होंने दालों के आयात के लिए अफ्रीका और म्यांमार में एनसीईएल कार्यालय स्थापित करने और सहकारी सदस्यों को वैश्विक मांग को समझने और उनकी आपूर्ति क्षमता प्रदर्शित करने में मदद करने के लिए एक समर्पित वेबसाइट विकसित करने का भी सुझाव दिया।

निष्कर्ष

नेशनल को-ऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड, भारत के सहकारी क्षेत्र के लिए एक नए युग का प्रतिनिधित्व करता है। महज़ दो सालों में, इसने व्यापक सदस्यता बनाई है, लाखों टन उपज का निर्यात किया है और सदस्यों के साथ लाभ साझा किया है। अगले चरण में निर्यात को बढ़ाना, कमोडिटी बास्केट में विविधता लाना और दुनिया भर में साझेदारी को विस्तार देना शामिल होगा। सरकारी समर्थन और अपने प्रमोटरों द्वारा बनाई गई मजबूत नींव के साथ, एनसीईएल भारत की सहकारी समितियों का वैश्विक चेहरा बनने के लिए तैयार है।

संदर्भ:

राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड

सहकारिता मंत्रालय

https://cooperatives.gov.in/en/home/faq
https://www.cooperation.gov.in/sites/default/files/2022-11/Multi-State-Cooperatives-Societies-Act-2022.pdf
https://www.cooperation.gov.in/en/about-primary-agriculture-cooperative-credit-societies-pacs#:~:text=Primary%20Agricultural%20Credit%20Societies%20are,undertake%20distribution%20and%20marketing%20functions

पीआईबी प्रेस रिलीज़

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2152469
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https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2165054

राज्य सभा

https://sansad.in/getFile/annex/268/AU3041_2BQaKA.pdf?source=pqars
https://sansad.in/getFile/annex/268/AU1126_aQUyfC.pdf?source=pqars
https://sansad.in/getFile/annex/268/AU3041_2BQaKA.pdf?source=pqars

राष्ट्रीय सुशासन केंद्र

https://ncgg.org.in/sites/default/files/lectures-document/WoG.pdf

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By udaen

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